राजधानी दिल्ली के गुरु तेग बहादुर (GTB) अस्पताल में एक मरीज की मौत के बाद विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि अस्पताल के वार्ड में भर्ती एक मरीज के ऊपर अचानक सीलिंग फैन गिर गया, जिसके कुछ घंटों बाद उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
वहीं, अस्पताल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मरीज की मौत सीलिंग फैन गिरने से नहीं, बल्कि उसकी पहले से मौजूद गंभीर चिकित्सीय स्थिति के कारण हुई है।
वार्ड में अचानक गिरा सीलिंग फैन
जानकारी के अनुसार, यह घटना शनिवार रात करीब 9:30 बजे GTB अस्पताल के वार्ड-27 में हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, वार्ड में लगा सीलिंग फैन अचानक अपनी जगह से टूटकर नीचे गिर गया और पास के बेड पर भर्ती मरीज से टकरा गया।
घटना के तुरंत बाद अस्पताल के डॉक्टरों और स्टाफ ने मरीज को चिकित्सकीय सहायता दी। हालांकि, अगले दिन दोपहर मरीज की मौत हो गई, जिसके बाद पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया।
परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
मृतक के परिवार का कहना है कि अस्पताल में रखरखाव (मेंटेनेंस) की स्थिति बेहद खराब है और इसी लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ। परिवार ने मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
परिजनों का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और इस तरह की घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं।
प्रत्यक्षदर्शी ने क्या दावा किया?
घटना के समय वार्ड में मौजूद एक अधिवक्ता, जिन्होंने स्वयं को प्रत्यक्षदर्शी बताया, ने दावा किया कि उन्होंने अपनी आंखों से फैन को मरीज के ऊपर गिरते हुए देखा।
उनके अनुसार, घटना के बाद उन्होंने इसका वीडियो भी रिकॉर्ड किया। उनका आरोप है कि मरीज की हालत घटना से पहले स्थिर थी, लेकिन बाद में उसकी मौत हो गई। उन्होंने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही और वार्ड की खराब सुविधाओं का भी आरोप लगाया।
हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
अस्पताल ने क्या कहा?
GTB अस्पताल ने जारी बयान में कहा कि मरीज को पहले से ही बेहोशी की अवस्था, अनियंत्रित उच्च रक्तचाप (Hypertension), स्ट्रोक या एन्सेफैलोपैथी, एस्पिरेशन निमोनिया और श्वसन विफलता (Respiratory Failure) जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के साथ भर्ती कराया गया था।
अस्पताल के अनुसार, फैन गिरने की घटना के तुरंत बाद मरीज की पूरी चिकित्सकीय जांच की गई, लेकिन उसके शरीर पर किसी भी प्रकार की बाहरी गंभीर चोट के संकेत नहीं मिले।
अस्पताल ने यह भी कहा कि उपलब्ध मेडिकल जांच के आधार पर मरीज की मृत्यु का कारण उसकी पहले से मौजूद गंभीर बीमारी थी, न कि सीलिंग फैन गिरने की घटना।
प्रारंभिक जांच में क्या सामने आया?
अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, घटना की सूचना मिलते ही लोक निर्माण विभाग (PWD) की मेंटेनेंस टीम मौके पर पहुंची।
प्रारंभिक जांच में पाया गया कि सीलिंग फैन का शाफ्ट (Shaft) टूट गया था, जिसके कारण फैन नीचे गिरा। अस्पताल ने इसे असामान्य घटना बताते हुए कहा कि सामान्य परिस्थितियों में ऐसा होना अपेक्षित नहीं है।
घटना के बाद क्षतिग्रस्त फैन को हटाकर उसकी जगह नया फैन लगाया गया और पूरे मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए गए हैं।
वार्ड की सुविधाओं पर भी उठे सवाल
घटना के बाद वार्ड में मौजूद कई मरीजों के परिजनों ने अस्पताल की सुविधाओं पर सवाल उठाए।
कुछ लोगों का दावा है कि वार्ड के कई एयर कंडीशनर लंबे समय से ठीक से काम नहीं कर रहे थे या उनके कुछ हिस्से खराब थे। ऐसे में मरीजों के लिए केवल सीलिंग फैन ही हवा का मुख्य साधन बने हुए थे।
कुछ अन्य परिजनों ने इलाज के दौरान लापरवाही से जुड़े अलग-अलग आरोप भी लगाए। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
जांच के बाद होगी स्थिति स्पष्ट
फिलहाल अस्पताल प्रशासन ने पूरे मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि फैन गिरने की घटना केवल तकनीकी खराबी थी या रखरखाव में किसी प्रकार की लापरवाही हुई थी।
वहीं, मरीज की मौत के वास्तविक कारण को लेकर अस्पताल और परिजनों के दावे अलग-अलग हैं। ऐसे में जांच के निष्कर्ष इस मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।








