भारत की चुनावी प्रक्रिया दुनिया की सबसे पारदर्शी व्यवस्थाओं में शामिल: मुख्य चुनाव आयुक्त

मुख्य चुनाव आयुक्त ने भारत की चुनावी व्यवस्था को दुनिया की सबसे पारदर्शी चुनावी प्रक्रियाओं में से एक बताया है। उन्होंने कहा कि मतदान से लेकर मतगणना तक कई स्तरों पर ऐसी व्यवस्थाएं लागू हैं, जिनमें उम्मीदवारों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में प्रक्रिया को पूरा किया जाता है।

मतदान से पहले EVM और VVPAT की जांच

मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि मतदान शुरू होने से पहले EVM और VVPAT मशीनों की मॉक पोल के जरिए जांच की जाती है। इस दौरान उम्मीदवारों के पोलिंग एजेंट मौजूद रहते हैं। मतदान समाप्त होने के बाद भी EVM से संबंधित जरूरी प्रक्रियाएं उम्मीदवारों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में पूरी की जाती हैं और आवश्यक दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए जाते हैं।

मतगणना के दौरान भी EVM में दर्ज वोटों का मिलान फॉर्म 17C में दर्ज आंकड़ों से किया जाता है। यह प्रक्रिया उम्मीदवारों के काउंटिंग एजेंटों की मौजूदगी में होती है।

मतदाता सूची की शुद्धता पर जोर

मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि चुनाव आयोग समय-समय पर मतदाता सूची को अपडेट और सत्यापित करने के लिए Special Intensive Revision (SIR) जैसी प्रक्रियाएं संचालित करता है। इसका उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और विश्वसनीय बनाए रखना है।

उन्होंने बताया कि BLO (बूथ लेवल ऑफिसर) घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क करते हैं और आवश्यक जानकारी का सत्यापन करते हैं। दस्तावेज जमा कराने, मैपिंग और सुनवाई जैसी प्रक्रियाओं के माध्यम से मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाता है।

18 साल की उम्र पूरी करने वालों का नाम जोड़ना जरूरी

मुख्य चुनाव आयुक्त ने BLOs से लगातार सक्रिय रहने और अपने क्षेत्र की मतदाता सूची की समय-समय पर जांच करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जिन युवाओं ने 18 वर्ष की उम्र पूरी कर ली है, उनके नाम मतदाता सूची में शामिल कराने की प्रक्रिया पूरी करना लोकतंत्र के लिए महत्वपूर्ण सेवा है।

उन्होंने नागरिकों से भी अपील की कि वे मतदान के दिन अपने मताधिकार का प्रयोग करें और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाएं।

युवाओं में बढ़े चुनावी जागरूकता

अहमदाबाद में आयोजित Electoral Literacy Clubs और ECINET से संबंधित पांचवें क्षेत्रीय सम्मेलन में मुख्य चुनाव आयुक्त ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं के बीच चुनावी साक्षरता और लोकतांत्रिक जागरूकता को मजबूत करना था।

उन्होंने युवाओं और कार्यक्रम में मौजूद सदस्यों से ECINET ऐप डाउनलोड करने तथा अपने परिवार और आसपास के लोगों को मतदाता सूची में नए नाम दर्ज कराने में मदद करने की अपील की।

स्कूलों और कॉलेजों में संचालित Electoral Literacy Clubs को भी युवाओं में लोकतांत्रिक मूल्यों और चुनावी जागरूकता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण बताया गया।

कार्यक्रम में मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य अधिकारियों ने 1,000 से अधिक ELC सदस्यों, स्कूल-कॉलेज के नोडल अधिकारियों, कैंपस एंबेसडरों, BLOs और अन्य संबंधित लोगों से संवाद किया।

International IDEA की अध्यक्षता का भी किया जिक्र

मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि भारत वर्तमान में International Institute for Democracy and Electoral Assistance (International IDEA) की अध्यक्षता कर रहा है। इस संगठन में 35 प्रमुख लोकतांत्रिक देश शामिल हैं। उन्होंने इसे भारत की चुनावी व्यवस्था और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की वैश्विक पहचान से जोड़कर बताया।

उन्होंने कहा कि देश के हर उस नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल होना चाहिए, जिसने 18 वर्ष की आयु पूरी कर ली है। साथ ही, प्रत्येक योग्य नागरिक को मतदान के दिन अपने लोकतांत्रिक कर्तव्य का निर्वहन करना चाहिए।

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