उत्तराखंड में ‘ग्रीन होमस्टे मिशन’ की शुरुआत, पहाड़ों में स्थानीय रोजगार को मिलेगी नई रफ्तार

देहरादून:
उत्तराखंड सरकार ने पहाड़ी क्षेत्रों में स्वरोज़गार और सतत पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक नई पहल ‘ग्रीन होमस्टे मिशन’ की शुरुआत की है। इस योजना का उद्देश्य पर्यावरण के अनुकूल पर्यटन को प्रोत्साहित करना, स्थानीय लोगों की आय बढ़ाना और गांवों से हो रहे पलायन को रोकना है। यह मिशन खास तौर पर उन ग्रामीण इलाकों पर केंद्रित है, जहां प्राकृतिक संसाधन तो हैं लेकिन रोजगार के अवसर सीमित हैं।

इस नई योजना के तहत राज्य के पर्वतीय जिलों में रहने वाले परिवारों को अपने घरों को इको-फ्रेंडली होमस्टे के रूप में विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। सरकार की ओर से होमस्टे पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाया गया है, ताकि आम लोग बिना किसी जटिलता के इस योजना से जुड़ सकें।

स्थानीय लोगों को मिलेगा सीधा लाभ

ग्रीन होमस्टे मिशन का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इससे स्थानीय युवाओं और महिलाओं को सीधे तौर पर रोजगार मिलेगा। पर्यटकों के ठहरने, भोजन, गाइड सेवा और स्थानीय उत्पादों की बिक्री से गांव की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। सरकार का मानना है कि इससे लोगों को अपने गांव में ही काम करने के अवसर मिलेंगे और शहरों की ओर पलायन में कमी आएगी।

पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ज़ोर

इस मिशन में पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दी गई है। होमस्टे संचालकों को प्लास्टिक-मुक्त व्यवस्था, वर्षा जल संचयन, सौर ऊर्जा के उपयोग और स्थानीय निर्माण सामग्री को अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इससे पर्यटन के साथ-साथ प्रकृति का संतुलन भी बना रहेगा।

प्रशिक्षण और तकनीकी सहयोग

योजना के अंतर्गत चयनित परिवारों को मेहमाननवाज़ी, स्वच्छता, ऑनलाइन बुकिंग और डिजिटल भुगतान से जुड़ा प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इसके अलावा, होमस्टे को प्रमुख ट्रैवल प्लेटफॉर्म और राज्य पर्यटन पोर्टल से जोड़ा जाएगा, जिससे उन्हें देश-विदेश से पर्यटक मिल सकें।

पर्यटन को मिलेगा नया स्वरूप

ग्रीन होमस्टे मिशन से उत्तराखंड में पर्यटन का स्वरूप भी बदलेगा। अब पर्यटक केवल भीड़भाड़ वाले हिल स्टेशन तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि छोटे-छोटे गांवों में रहकर स्थानीय संस्कृति, खान-पान और जीवनशैली को करीब से जान सकेंगे। इससे राज्य की पारंपरिक पहचान को भी बढ़ावा मिलेगा।

भविष्य की योजना

सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में सैकड़ों गांवों को इस मिशन से जोड़ा जाए और उत्तराखंड को सतत ग्रामीण पर्यटन का मॉडल राज्य बनाया जाए। यदि यह योजना सफल होती है, तो यह पहाड़ी राज्यों के लिए एक उदाहरण बन सकती है।

निष्कर्ष:
ग्रीन होमस्टे मिशन उत्तराखंड के लिए केवल एक पर्यटन योजना नहीं, बल्कि रोजगार, पर्यावरण और ग्रामीण विकास को एक साथ जोड़ने की कोशिश है। यह पहल पहाड़ों में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक मजबूत कदम मानी जा रही है।

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