12 वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर आंध्र प्रदेश से योगमय राष्ट्र व योगमय विश्व का योग गुरू स्वामी रामदेव ने किया आह्वान
नायडू एक विजनरी मुख्यमंत्री, उनमें दृढ़ता, सेवाभाव, समर्पण की भावना व अप्रतिम सृजनात्मक क्षमता विद्यमान : स्वामी रामदेव
स्वामी रामदेव ने योग को वैश्विक स्तर पर लोकप्रिय बनाया, वे केवल भारत ही नहीं, अपितु पूरी दुनिया के योगगुरु : चंद्रबाबू नायडू
आचार्य बालकृष्ण की ओर से रचित ‘योगर्षियोगनिघण्टु:’ तथा आयुष मंत्रालय आंध्र प्रदेश की पुस्तक का किया गया विमोचन
हरिद्वार/विजयवाड़ा। 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर स्वामी रामदेव ने कृष्णा नदी क्षेत्र, अमरावती (विजयवाड़ा), आंध्र प्रदेश से योगमय राष्ट्र व योगमय विश्व का आह्वान किया। यह कार्यक्रम पतंजलि योगपीठ तथा आंध्र प्रदेश सरकार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया, जिसमें आचार्य बालकृष्ण का भी सान्निध्य रहा। इस वर्ष योग दिवस की थीम ‘स्वस्थ आयु के लिए योग’ (Yoga for Healthy Ageing) रही। योग दिवस पर पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण की ओर से रचित पुस्तक “योगर्षियोगनिघण्टु:” का विमोचन भी किया गया। स्वामी रामदेव ने पूरे विश्व का आह्वान करते हुए कहा कि ‘करो योग, रहो निरोग’, यही योग का मंत्र है। वहीं, इस मौके पर आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि उनका मिशन योग को राज्य के हर घर तक पहुंचाना है।
योगऋषि स्वामी रामदेव के अखण्ड पुरुषार्थ व अथक प्रयासों से योग आज पूरे विश्व में प्रतिष्ठापित हो गया है। 21 जून को लगभग 200 देश एक साथ योगाभ्यास कर योग की स्वीकार्यता को चरितार्थ करते हैं। कार्यक्रम प्रातः 5 बजे से प्रारंभ हो गया था, किंतु सरकारी कार्यक्रम के योग प्रोटोकॉल अनुसार स्वामी रामदेव, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू एवं आचार्य बालकृष्ण ने 45 मिनट की मानकीकृत योग दिनचर्या का अनुपालन करते हुए हजारों योग साधकों को योग का अभ्यास कराया।
इससे पूर्व स्वामी रामदेव ने कहा कि अमरावती देवताओं की राजधानी है। आज यहां के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के दिशानिर्देशन व नेतृत्व में योग का यह अनुष्ठान सहजतापूर्वक सम्पन्न हो रहा है। स्वामी ने कहा कि श्री नायडू एक विजनरी मुख्यमंत्री हैं। उनमें दृढ़ता, सेवाभाव, समर्पण की भावना व अप्रतिम सृजनात्मक क्षमता विद्यमान है। वे केवल एक राज्य के मुख्यमंत्री ही नहीं, अपितु इस सम्पूर्ण राष्ट्र के लिए प्रेरणास्रोत हैं। इस अवसर पर उन्होंने पूरे विश्व को योग का संदेश देते हुए कहा कि ‘करो योग, रहो निरोग’, यही योग का मंत्र है।
योग पूरी मानवता के लिए भारत की अमूल्य धरोहर
इस अवसर पर स्वामी रामदेव ने कहा कि योग पूरे विश्व के लिए हमारे पूज्य ऋषियों का अवदान, योगदान, विरासत व विज्ञान है। योग सभी के लिए एक लाइफस्टाइल है। यह सेल्फ हीलिंग की प्रक्रिया है। योगियों के लिए योग साधना पद्धति, आमजन के लिए जीवन पद्धति और रोगियों के लिए सम्पूर्ण चिकित्सा पद्धति है।
कार्यक्रम में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि उनका मिशन योग को राज्य के हर घर तक पहुंचाना है ताकि इसे एक जन आंदोलन बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि स्वामी रामदेव ने योग को वैश्विक स्तर पर लोकप्रिय बनाया है। वे केवल भारत ही नहीं, अपितु पूरी दुनिया के योगगुरु हैं। श्री नायडू ने कहा कि मैं पिछले तीन दशकों से तकनीक को बढ़ावा दे रहा हूँ तथा स्वामी जी पिछले 30 वर्षों से योग को प्रचारित-प्रसारित कर रहे हैं। अब हमें तकनीक और आध्यात्मिकता को एक साथ लेकर चलना होगा। हमारा उद्देश्य आंध्र प्रदेश को केवल टेक्नोलॉजी हब बनाना ही नहीं, अपितु स्प्रिच्युअल एवं वेलनेस हब बनाना भी है। यही वह नेतृत्व है जो केवल भारत दे सकता है।
कार्यक्रम में आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि विजयवाड़ा पुण्यक्षेत्र है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की प्रातःकाल की बेला में स्वामी जी तथा आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू योग का संदेश दे रहे हैं, योग के प्रचार-प्रसार के लिए इससे बड़ी कोई बात नहीं है।
आचार्य बालकृष्ण की पुस्तक “योगर्षियोगनिघण्टु:” का विमोचन

आचार्य Balakrishna ने “योगर्षियोगनिघण्टु:” पुस्तक के विषय में बताया कि इसमें 3753 योगासनों, 55 प्रकार के प्राणायाम, 721 बंध मुद्रा, 120 ध्यान विधि, 150 शोधन क्रिया तथा 400 यौगिक व्यायाम का उल्लेख किया गया है। पहली बार कुल मिलाकर 5199 योग क्रियाओं के नामों का डॉक्यूमेंटेशन किया गया है। उन्होंने बताया कि यह पुस्तक संस्कृत और अंग्रेजी भाषा में उपलब्ध है। यह योग की समग्र विरासत का संकलन है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री महोदय ने सभी साधकों को योग को अपनी जीवनचर्या में सम्मिलित करने हेतु संकल्प दिलाया तथा योगव्रती, आयुर्वेदव्रती, स्वदेशीव्रती, आंध्र प्रदेश के साथ-साथ पूरे देश की सेवा के लिए संकल्पित किया। आंध्र प्रदेश के आयुष विभाग द्वारा जारी पुस्तक ‘आयुष आरोग्य सूत्रावली’ का भी विमोचन किया गया, जिसे वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लंदन में सम्मान मिला है।
मोदी की प्रेरणा से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को मिली मान्यता
स्वामी रामदेव ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि उनकी प्रेरणा से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस संभव हो पाया। उनके प्रयासों से विश्व के 177 देशों ने एक प्रस्ताव लाकर योग दिवस की परिकल्पना को साकार रूप दिया। उन्होंने मोदी जी का अभिनंदन करते हुए कहा कि उनकी प्रेरणा व संकल्प से आज देश विकसित भारत, स्वस्थ, समृद्ध, परम वैभवशाली, जगतगुरु और विश्वगुरु भारत की ओर अग्रसर है।
पतंजलि शिक्षण संस्थान के विद्यार्थियों ने दिखाया योग का दम
पतंजलि गुरुकुलम्, आचार्यकुलम् व पतंजलि विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने योग स्तूप (मलखम्भ योग), रज्जु योग के साथ-साथ सामान्य योग प्रक्रियाओं व एडवांस योग का श्रेष्ठतम प्रदर्शन किया। उन्होंने कठिन आसनों को सरलता से करते हुए योग के क्षेत्र में पतंजलि के योगदान को परिभाषित किया। बच्चों के लिए योग, योगा फॉर यूथ, योगा फॉर स्टूडेंट एवं योगा फॉर चिल्ड्रन का मंत्र देते हुए स्वामी रामदेव ने कहा कि विद्यार्थियों के सामने आज कई प्रकार के संकट, परेशानियाँ व चुनौतियाँ हैं। उन्होंने कहा कि अपने बच्चों को कम से कम एडवांस योग की 5 प्रक्रियाओं को अवश्य कराएँ।
विभिन्न साध्य-असाध्य रोगों के लिए बताए योगासन



स्वामी रामदेव ने कहा कि योग सभी शारीरिक समस्याओं का समाधान है। योग प्रोटोकॉल के अतिरिक्त उन्होंने उष्ट्रासन, पूर्ण उष्ट्रासन, हलासन, मर्कटासन, सर्वांगासन, शीर्षासन, चक्रासन, पूर्ण चक्रासन, पश्चिमोत्तानासन, फूनमनासनम, पद्मासन, उत्तथित पद्मासन, वज्रासन, मयूरासन, मण्डूकासन, दण्डासन, योग मुद्रासन, पूर्वासन, वक्रासन, अर्द्ध मत्स्येन्द्रासन, गोमुखासन, पवन मुक्तासन, उत्तानपादासन तथा सेतुबंधासन का भी अभ्यास कराया।
स्वामी रामदेव ने बीमारियों को दूर करने वाले योग बताए
योग फॉर हेल्दी एजिंग, योग फॉर लॉन्जिविटी एवं योग फॉर इम्यूनिटी, योग फॉर लाइफस्टाइल डिजीज, वात-पित्त-कफ के लिए योग, मोटापे के लिए, स्पाइनल कॉर्ड एंड स्ट्रक्चरल बैलेंस, थायराइड, हाइपोथायराइड, ब्लड प्रेशर, मधुमेह, लीवर रोग, किडनी रोग, स्प्लीन रोग, पैंक्रियाज़ व इंटेस्टाइन रोग, कब्ज, अपच, एसिडिटी, प्रोस्टेट, हर्निया, हाइड्रोसील, वायु रोग, पाइल्स, फिशर तथा फिस्टुला आदि रोगों के लिए योगासन बताए।
सुबह समय से पहले ही फुल हुआ स्टेडियम
प्रातः 6 बजे से पहले ही पूरा स्टेडियम योग साधकों से भर गया था। इसके लिए स्वामी रामदेव ने आंध्र प्रदेश की योगी आत्माओं के जोश, जुनून, उत्साह व अनुशासन की प्रशंसा करते हुए उनका अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि योग व सनातन धर्म के प्रति आंध्र प्रदेश की जनता में श्रद्धाभाव है। प्राण ही ब्रह्मविद्या है। योगासन के अलावा स्वामी रामदेव ने प्राणायाम का भी अभ्यास कराया। उन्होंने कहा कि प्राण विद्या पूर्ण वैज्ञानिक, अत्यंत प्रभावशाली व बिल्कुल सरल है। इसे प्रत्येक आयु वर्ग का व्यक्ति आसानी से कर सकता है। स्वामी ने प्राणायाम को ब्रह्मविद्या बताया। यह नैनो व पिको मेडिसिन का कार्य करता है। उन्होंने भस्त्रिका, कपालभाति, बाह्य प्राणायाम, अनुलोम-विलोम, भ्रामरी, उज्जायी, उद्गीथ, शीतली तथा शीतकारी प्राणायाम का अभ्यास कराया।
विजयवाड़ा में कौन-कौन रहे उपस्थित

भारत सरकार के केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू, केंद्रीय राज्य मंत्री (भारी उद्योग) भूपति राजू श्रीवास वर्मा, आंध्र प्रदेश सरकार में मानव संसाधन विकास (HRD), सूचना प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार मंत्री नारा लोकेश, स्वास्थ्य, परिवार कल्याण और चिकित्सा शिक्षा मंत्री सत्य कुमार यादव, पर्यटन, संस्कृति और सिनेमा मंत्री कंदुला दुर्गेश, विजयवाड़ा के सांसद केसिनेनी श्रीनिवास (नानी), विजयवाड़ा सेंट्रल के विधायक बोंडा उमामहेश्वर राव सहित अनेक प्रमुख राजनीतिज्ञ उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल आयोजन में पतंजलि योग समिति की मुख्य महिला केंद्रीय प्रभारी डॉ. साध्वी देवप्रिया, मुख्य केंद्रीय प्रभारी राकेश ‘भारत’, स्वामी परमार्थदेव, प्रवक्ता स्वामी रामदेव एस.के. तिजारावाला तथा आस्था चैनल के सीईओ प्रमोद जोशी की मुख्य भूमिका रही।








