प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस की राजधानी पेरिस में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि आज का भारत केवल आर्थिक प्रगति तक सीमित नहीं है, बल्कि वह दुनिया के लिए एक भरोसेमंद और दीर्घकालिक साझेदार के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों में तेजी से बदलाव हो रहा है और ऐसे समय में विश्वास किसी भी देश के लिए सबसे बड़ी पूंजी बन गया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि एक समय था जब देशों के बीच संबंध मुख्य रूप से व्यापार पर आधारित होते थे, लेकिन अब व्यापार के साथ-साथ विश्वास भी उतना ही महत्वपूर्ण हो गया है। दुनिया के कई देश ऐसे साझेदारों की तलाश में हैं, जिन पर लंबे समय तक भरोसा किया जा सके और भारत इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि भारत आज विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है। देश की अर्थव्यवस्था लगातार विस्तार कर रही है और नई तकनीक, नवाचार, अंतरिक्ष, डिजिटल भुगतान तथा आधारभूत ढांचे जैसे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर निवेश किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने भारतीय समुदाय से अपील की कि वे भारत के साथ अपने संबंधों को और मजबूत करें तथा देश के विकास में अपनी भूमिका निभाएं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह भारत के इतिहास का एक महत्वपूर्ण दौर है, जहां देश की आकांक्षाएं नई ऊंचाइयों को छू रही हैं। उन्होंने कहा कि भारत का युवा बड़े सपने देख रहा है, किसान नई तकनीकों को अपना रहे हैं और महिलाएं विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्व की नई मिसाल कायम कर रही हैं।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने भारत की अंतरिक्ष उपलब्धियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि चंद्रयान मिशन ने दुनिया के सामने भारत की वैज्ञानिक क्षमता को साबित किया है। अब देश गगनयान मिशन और अपने अंतरिक्ष स्टेशन की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। उनका कहना था कि भारत भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विज्ञान और तकनीक के हर क्षेत्र में निवेश कर रहा है।
प्रधानमंत्री ने भारत और फ्रांस के बीच मजबूत होते संबंधों पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है। शिक्षा, तकनीक, अंतरिक्ष, रक्षा और व्यापार जैसे क्षेत्रों में सहयोग के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटल भुगतान प्रणाली यूपीआई का फ्रांस में बढ़ता उपयोग दोनों देशों के लोगों को और करीब लाएगा तथा पर्यटन और व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने बताया कि दोनों देश मिलकर अगले वर्ष एक विशेष उपग्रह परियोजना पर काम शुरू करेंगे, जो जल और खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है। यह सहयोग वैश्विक चुनौतियों का समाधान खोजने की दिशा में दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने 12 वर्षों के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि यह उनके जीवन का सौभाग्य है कि उन्हें इतने लंबे समय तक देश की सेवा करने का अवसर मिला। उन्होंने इसे भारतीय लोकतंत्र की ताकत बताया और कहा कि भारत में एक साधारण परिवार से आने वाला व्यक्ति भी सर्वोच्च पद तक पहुंच सकता है।
उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में भारत ने केवल आर्थिक क्षेत्र में ही नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति की है। करोड़ों लोग गरीबी से बाहर आए हैं और देश के विकास का लाभ समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले दशकों में भारत वैश्विक विकास का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। आज देश उन सभी क्षेत्रों में निवेश कर रहा है, जो भविष्य की दिशा तय करेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत की प्रगति न केवल देशवासियों के लिए, बल्कि पूरी दुनिया के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलेगी।








