तेहरान/दुबई — ईरान-इज़राइल-अमेरिका संघर्ष ने अब खाड़ी देशों तक असर बढ़ा दिया है, जहां दुबई में दुनिया की सबसे ऊँची इमारत बुर्ज खलीफा को सुरक्षा कारणों से खाली कराया गया है और एयरपोर्ट पर उड़ानें रोक दी गई हैं। यह विकास उस समय आया जब ईरान पर संयुक्त राज्य अमेरिका और इज़राइल ने मिलकर एक बड़ा सैन्य अभियान शुरू किया।
बुर्ज खलीफा के आसपास धुएँ और विस्फोटों की आवाज़ों के बीच अधिकारियों ने इमारत को तुरंत खाली करने का आदेश दिया, ताकि किसी भी अप्रत्याशित हमले या मिसाइल के प्रभाव से लोगों को बचाया जा सके। दुबई अंतरराष्ट्रीय और अल मकतूम वर्ल्ड सेंट्रल एयरपोर्ट दोनों ही अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए हैं।
इस हमले की पृष्ठभूमि यह है कि 28 फरवरी को अमेरिका और इज़राइल ने ईरान पर एक संयुक्त अभियान शुरू किया, जिसका उद्देश्य वहां के नेतृत्व और सैन्य ढांचे को निशाना बनाना था। इस सैन्य अभियान का नाम “Operation Epic Fury” बताया जा रहा है।
ईरान ने भी पलटवार किया है और उसने खाड़ी के कई स्थानों पर मिसाइलें दागने का दावा किया है, जिसमें दुबई, कुवैत, बहरीन और कतर शामिल हैं। इस प्रतिक्रिया के बाद खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा तनाव बढ़ गया है और कई देशों ने अपने नागरिकों को सतर्क रहने का निर्देश दिया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के मिसाइल हमले से क्षेत्रीय स्थिरता प्रभावित हो सकती है और व्यापार व आर्थिक गतिविधियों पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है। ऊर्जा बाजार में कीमतों में उतार-चढ़ाव की संभावना जताई जा रही है, क्योंकि खाड़ी क्षेत्र तेल निर्यात का प्रमुख केंद्र है।
दुबई में बुर्ज खलीफा के खाली होने और एयर सेवाओं के ठप होने से अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के कार्यक्रमों को भी भारी व्यवधान का सामना करना पड़ा है। ऐसे में यात्रियों को एयरलाइन से नवीन अपडेट लेते रहने और गृह मंत्रालय द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
यह स्थिति अब तक जारी है और वैश्विक स्तर पर कूटनीतिक प्रयासों के बीच संघर्ष को थामने की कोशिशें बढ़ रही हैं।









