एशियन गेम्स 2026: भारत ने 50 मीटर राइफल 3 पोजिशंस टीम इवेंट में जीता रजत पदक एल-69 बैठक में जयशंकर ने UNSC सुधार की जरूरत पर जताई चिंता, कहा- बदलावों का सबसे ज्यादा असर ग्लोबल साउथ पर पीएम मोदी आज सेवा संकल्प अभियान के प्रतिभागियों से करेंगे संवाद, वडनगर से वाराणसी तक जारी है सेवा यात्रा भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाने की बड़ी उपलब्धि, सर्वाधिक शुगर रिकवरी के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार विश्व आयुर्वेद दिवस: पीएम मोदी के विजन पर आगे बढ़ा पतंजलि, हरिद्वार में खुला देश का पहला आयुर्वेद गुरुकुलम् मंच पर मुख्यमंत्री से लेकर कांग्रेस विधायक तक के हाथ में पहुंचा ‘वही’ पतंजलि घी, फिर स्वामी रामदेव ने जो कहा…

भारत–यूरोपीय संघ के बीच व्यापार को नई रफ्तार, ‘मोस्ट फेवर्ड नेशन’ दर्जा देने पर सहमति

भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे को ‘मोस्ट फेवर्ड नेशन’ (Most Favoured Nation – MFN) का दर्जा देने पर सहमति जताई है। यह फैसला भविष्य में व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग को नई गति दे सकता है।

क्या होता है ‘मोस्ट फेवर्ड नेशन’ दर्जा?

‘मोस्ट फेवर्ड नेशन’ का अर्थ है कि दो देश या आर्थिक समूह एक-दूसरे को व्यापार में वही रियायतें देंगे, जो वे अपने किसी अन्य साझेदार देश को देते हैं। यानी अगर भारत किसी अन्य देश को आयात शुल्क में छूट देता है, तो वही सुविधा EU को भी मिलेगी और इसके विपरीत भी यही नियम लागू होगा।

हालांकि नाम से यह विशेष दर्जा लगता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि किसी एक पक्ष को अतिरिक्त लाभ दिया जाएगा। इसका उद्देश्य व्यापार में भेदभाव खत्म करना और समान अवसर सुनिश्चित करना होता है।

भारत को क्या होगा फायदा?

यूरोपीय संघ भारत का एक बड़ा व्यापारिक साझेदार है। इस समझौते से भारतीय निर्यातकों को यूरोपीय बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी माहौल मिलेगा। खासकर फार्मास्यूटिकल्स, टेक्सटाइल, ऑटो पार्ट्स, आईटी सेवाएं और कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा मिल सकता है। इससे विदेशी निवेश भी बढ़ने की उम्मीद है।

EU के लिए क्यों अहम है यह कदम?

भारत दुनिया की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। MFN दर्जे के साथ यूरोपीय कंपनियों को भारतीय बाजार में स्थिर और भरोसेमंद व्यापारिक माहौल मिलेगा। इससे तकनीक, हरित ऊर्जा, डिजिटल सेवाओं और विनिर्माण क्षेत्र में सहयोग बढ़ सकता है।

व्यापक असर

विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम दोनों पक्षों के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की दिशा में सकारात्मक संकेत है। यदि आगे की वार्ताएं सफल रहती हैं, तो आने वाले समय में भारत–EU व्यापार कई गुना बढ़ सकता है।

कुल मिलाकर, ‘मोस्ट फेवर्ड नेशन’ दर्जा भारत और यूरोपीय संघ के बीच आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने वाला अहम कदम माना जा रहा है, जो दीर्घकाल में दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए लाभकारी साबित हो सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें

🔮 आज का राशिफल