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भोजपुर मुठभेड़ पर उठे सवाल: पुलिस की कार्रवाई और ग्रामीणों के दावों के बीच बढ़ी जांच की मांग

बिहार के भोजपुर जिले के रहने वाले भारत भूषण तिवारी की पुलिस मुठभेड़ में हुई मौत अब एक बड़े विवाद का रूप लेती जा रही है। घटना के बाद उनके पैतृक गांव में लोगों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। ग्रामीणों का आरोप है कि भारत भूषण तिवारी ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था, लेकिन इसके बावजूद उन पर गोली चलाई गई। वहीं पुलिस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि कार्रवाई पूरी तरह आत्मरक्षा में की गई।

पुलिस के अनुसार, 17 जून को एक विशेष अभियान के दौरान भारत भूषण तिवारी को पकड़ने की कोशिश की जा रही थी। इस दौरान उन्होंने पुलिस टीम पर गोलीबारी शुरू कर दी। अधिकारियों का कहना है कि कई बार चेतावनी देने के बावजूद जब उन्होंने फायरिंग बंद नहीं की, तो आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी। इसी कार्रवाई में भारत भूषण तिवारी घायल हो गए।

हालांकि, गांव के लोगों की कहानी इससे अलग है। ग्रामीणों का कहना है कि भारत भूषण तिवारी ने अपना हथियार फेंक दिया था और वह आत्मसमर्पण करने के लिए तैयार थे। उनका दावा है कि एक वीडियो में उन्हें पुलिस के सामने हथियार छोड़ते हुए देखा जा सकता है। इसी आधार पर ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं कि अगर उन्होंने आत्मसमर्पण कर दिया था, तो फिर उन पर गोली क्यों चलाई गई।

भारत भूषण तिवारी की मौत के बाद गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है। बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरकर निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कानून का सम्मान करना हर नागरिक का कर्तव्य है, लेकिन यदि किसी व्यक्ति ने आत्मसमर्पण कर दिया हो, तो उसके बाद बल प्रयोग की परिस्थितियों की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए।

इस घटना ने पुलिस मुठभेड़ों के दौरान अपनाई जाने वाली प्रक्रिया को लेकर भी बहस छेड़ दी है। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यदि कोई आरोपी हथियार डालकर आत्मसमर्पण करता है, तो उसके बाद की गई कार्रवाई की पूरी जांच जरूरी होती है। वहीं यदि पुलिस पर हमला किया गया हो, तो कानून आत्मरक्षा का अधिकार भी देता है। ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच ही सच्चाई सामने ला सकती है।

फिलहाल पुलिस अपने दावे पर कायम है कि कार्रवाई नियमों के तहत की गई, जबकि ग्रामीण न्यायिक जांच की मांग पर अड़े हुए हैं। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और भरोसा दिलाया है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जाएगी।

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