विश्व आयुर्वेद दिवस: पीएम मोदी के विजन पर आगे बढ़ा पतंजलि, हरिद्वार में खुला देश का पहला आयुर्वेद गुरुकुलम् मंच पर मुख्यमंत्री से लेकर कांग्रेस विधायक तक के हाथ में पहुंचा ‘वही’ पतंजलि घी, फिर स्वामी रामदेव ने जो कहा… पीएम मोदी ने उडुपी में श्री श्री विश्वप्रसन्न तीर्थ स्वामीजी से की मुलाकात, विश्वेश तीर्थ स्वामीजी की जन्म शताब्दी का लोगो किया जारी आयुष्मान भारत के 8 साल: गुमला में गरीब परिवारों के लिए इलाज का सहारा बना योजना का कार्ड फरीदाबाद में 4 अक्टूबर को सजेगा हिमाचली संस्कृति का रंग, प्रवासी हिमाचलियों का होगा महासंगम हम मर सकते हैं, धोखा नहीं दे सकते: पतंजलि घी पर उठ रहे सवालों पर स्वामी रामदेव ने दिया जवाब

चीन से बढ़ती नजदीकी पर भड़के ट्रंप, कनाडा को 100% टैरिफ लगाने की दी चेतावनी

वॉशिंगटन | अंतरराष्ट्रीय डेस्क

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन के साथ बढ़ते व्यापारिक रिश्तों को लेकर कनाडा पर तीखा हमला बोला है। ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि यदि कनाडा चीन के साथ नया या विस्तारित व्यापार समझौता करता है, तो अमेरिका उस पर 100 प्रतिशत तक आयात शुल्क (टैरिफ) लगा सकता है।

एक सार्वजनिक बयान में ट्रंप ने कहा कि चीन के साथ व्यापारिक गठजोड़ अमेरिका की आर्थिक सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ देश अमेरिका के बाजार का फायदा उठाते हुए चीन के साथ ऐसे समझौते कर रहे हैं, जो अमेरिकी उद्योग और नौकरियों को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि कनाडा ने चीन के साथ व्यापारिक समझौते को प्राथमिकता दी, तो अमेरिका कड़े आर्थिक कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा। उनके मुताबिक, भारी टैरिफ का मकसद अमेरिकी कंपनियों और घरेलू उत्पादन को सुरक्षित करना होगा।

इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय व्यापार जगत में हलचल तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस तरह के टैरिफ लागू होते हैं, तो इसका असर नॉर्थ अमेरिका की सप्लाई चेन, ऑटोमोबाइल सेक्टर और टेक्नोलॉजी उद्योग पर पड़ सकता है। साथ ही, अमेरिका-कनाडा व्यापार संबंधों में भी तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

कनाडा की ओर से फिलहाल इस चेतावनी पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, व्यापार विश्लेषकों का कहना है कि कनाडा लंबे समय से चीन और अमेरिका दोनों के साथ संतुलित व्यापार नीति अपनाने की कोशिश करता रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार, ट्रंप का यह बयान आगामी अमेरिकी चुनावों और उनकी “अमेरिका फर्स्ट” नीति से भी जुड़ा माना जा रहा है। माना जा रहा है कि इस तरह के सख्त बयान घरेलू मतदाताओं को साधने की रणनीति का हिस्सा हो सकते हैं।

अगर आने वाले समय में यह मुद्दा और गंभीर होता है, तो इसका असर केवल अमेरिका और कनाडा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक व्यापार और अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर भी इसका प्रभाव देखने को मिल सकता है।

ये भी पढ़ें:- दिल्ली में शुरू हुआ देश का पहला सस्टेनेबल स्मार्ट गार्डन, पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें

🔮 आज का राशिफल