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चिटफंड घोटाले में शिकंजा कड़ा, राजीव कुमार के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी

पश्चिम बंगाल की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में उस समय हलचल मच गई जब Central Bureau of Investigation (CBI) ने पूर्व पुलिस आयुक्त Rajeev Kumar के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (LoC) जारी किया। यह कार्रवाई बहुचर्चित शारदा और रोज़ वैली चिटफंड घोटालों से जुड़े मामले में की गई है, जिसमें सबूतों से छेड़छाड़ के आरोप सामने आए हैं।

सीबीआई के मुताबिक, जांच के दौरान ऐसे संकेत मिले हैं कि मामले से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों और डिजिटल सबूतों में हेरफेर किया गया। एजेंसी का मानना है कि इस कथित गड़बड़ी में राजीव कुमार की भूमिका की जांच आवश्यक है। इसी वजह से उनके देश छोड़ने की आशंका को देखते हुए यह सख्त कदम उठाया गया है।

राजीव कुमार, जो कभी Kolkata पुलिस के प्रमुख रह चुके हैं, राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के करीबी माने जाते हैं। खास तौर पर Mamata Banerjee के साथ उनके संबंधों को लेकर यह मामला और ज्यादा संवेदनशील हो गया है। ऐसे में इस कार्रवाई के राजनीतिक असर भी देखने को मिल सकते हैं।

शारदा और रोज़ वैली चिटफंड घोटाले पश्चिम बंगाल के सबसे बड़े वित्तीय घोटालों में गिने जाते हैं, जिनमें हजारों निवेशकों का पैसा डूब गया था। इन मामलों की जांच पहले राज्य स्तर पर हुई, लेकिन बाद में अदालत के निर्देश पर सीबीआई को सौंप दी गई। तब से यह केस लगातार चर्चा में बना हुआ है।

हाल ही में हुए लोकसभा चुनावों के बाद राज्य की राजनीति में भी बदलाव के संकेत मिले हैं। ऐसे समय में यह कार्रवाई राज्य सरकार और केंद्र के बीच तनाव को और बढ़ा सकती है। विपक्षी दल इस मामले को लेकर पहले ही सरकार पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि सत्ताधारी पक्ष इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई करार दे सकता है।

कानूनी जानकारों का कहना है कि लुकआउट सर्कुलर जारी होने के बाद संबंधित व्यक्ति के लिए विदेश यात्रा करना मुश्किल हो जाता है। यह कदम आमतौर पर तब उठाया जाता है जब जांच एजेंसी को आशंका होती है कि आरोपी देश छोड़ सकता है या जांच में सहयोग नहीं कर रहा है।

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