दिल्ली के विवेक विहार में भीषण आग: एसी ब्लास्ट की आशंका, एक ही परिवार के कई सदस्यों समेत 9 की मौत

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राजधानी दिल्ली के विवेक विहार इलाके में रविवार तड़के एक दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया। एक चार मंजिला रिहायशी इमारत में लगी भीषण आग में नौ लोगों की मौत हो गई, जिनमें एक डेढ़ साल का मासूम बच्चा भी शामिल है। इस घटना में दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका अस्पताल में इलाज जारी है।

जानकारी के अनुसार, आग सुबह करीब 4 बजे इमारत की दूसरी मंजिल पर लगी। शुरुआती जांच में एसी में ब्लास्ट होने की आशंका जताई जा रही है, जिसके बाद आग तेजी से फैल गई। कुछ ही मिनटों में आग ने तीसरी और चौथी मंजिल को भी अपनी चपेट में ले लिया, जिससे वहां रहने वाले लोग फंस गए।

घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की 14 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सुबह 6 बजे तक आग पर काबू पाया जा सका। इस दौरान दमकल कर्मियों ने दर्जनों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।

इस हादसे में सबसे ज्यादा नुकसान दूसरी मंजिल पर रहने वाले एक परिवार को हुआ, जहां पांच लोगों की मौत हो गई। मृतकों में 60 वर्षीय व्यक्ति, उनकी पत्नी, बेटा, बहू और उनका छोटा बच्चा शामिल हैं। तीसरी मंजिल पर भी एक ही परिवार के तीन सदस्यों की जान चली गई, जबकि पहली मंजिल पर रहने वाली एक महिला की मौत हो गई और उनके पति गंभीर रूप से घायल हैं।

घायलों को तुरंत गुरु तेग बहादुर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, कुछ लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को संभलने का मौका ही नहीं मिला। कई लोग अपने घरों में ही फंस गए और धुएं के कारण बेहोश हो गए। आसपास के लोगों ने भी बचाव कार्य में मदद की और दमकल विभाग के पहुंचने से पहले कुछ लोगों को बाहर निकालने की कोशिश की।

घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सुबह होते ही बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जुट गए। इमारत के कई हिस्से पूरी तरह जलकर खाक हो गए और ऊपरी मंजिलों से धुआं उठता रहा।

प्रशासन ने इस हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं और आग लगने के सटीक कारणों का पता लगाया जा रहा है। प्रारंभिक तौर पर एसी ब्लास्ट को कारण माना जा रहा है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

यह हादसा एक बार फिर शहरी इलाकों में अग्नि सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि रिहायशी इमारतों में फायर सेफ्टी सिस्टम, नियमित जांच और आपातकालीन निकासी व्यवस्था का होना बेहद जरूरी है।

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