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ईरान युद्ध के बीच पेट्रोल पर मचा हड़कंप, सरकार ने लॉकडाउन और कमी की अफवाहों को बताया झूठ

मध्य-पूर्व में जारी ईरान से जुड़े तनाव के बीच देश में पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता को लेकर अफवाहों का दौर तेज हो गया है। सोशल मीडिया पर फैल रही “लॉकडाउन” और “ईंधन की भारी कमी” जैसी खबरों के चलते कई शहरों में लोगों ने पेट्रोल पंपों पर अचानक भीड़ लगा दी। हालांकि केंद्र सरकार ने इन सभी दावों को पूरी तरह निराधार बताते हुए साफ किया है कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है।

हाल के दिनों में उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और अन्य राज्यों के कई शहरों में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखी गईं। लोग अपनी गाड़ियों के टैंक फुल कराने के साथ-साथ कैन और बोतलों में भी पेट्रोल भरते नजर आए।
इस अचानक बढ़ी मांग के कारण कुछ जगहों पर अस्थायी रूप से पेट्रोल पंप सूखने की स्थिति भी बनी, लेकिन अधिकारियों ने इसे “घबराहट में की गई खरीदारी” का परिणाम बताया।

सरकार और तेल कंपनियों ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि देश में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और सीएनजी की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है। पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, भारत के पास पर्याप्त भंडार मौजूद है और सप्लाई चेन सुचारू रूप से काम कर रही है।

इसके अलावा, सरकार ने यह भी बताया कि भारत ने अलग-अलग देशों से तेल आयात के स्रोत बढ़ा लिए हैं, जिससे किसी एक क्षेत्र पर निर्भरता कम हो गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, देश के पास लगभग 60 दिनों तक की कच्चे तेल की आपूर्ति सुरक्षित है, जिससे आम लोगों को घबराने की कोई जरूरत नहीं है।

कुछ जिलों में हालात संभालने के लिए प्रशासन को पेट्रोल की बिक्री पर अस्थायी सीमा तय करनी पड़ी, ताकि जमाखोरी रोकी जा सके और सभी लोगों तक ईंधन पहुंच सके।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की स्थिति में अफवाहें सबसे बड़ा खतरा बन जाती हैं। जब लोग जरूरत से ज्यादा खरीदारी करने लगते हैं, तो कृत्रिम कमी पैदा हो जाती है, जिससे हालात और बिगड़ सकते हैं।

सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट खबरों पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही ध्यान दें। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि देश में किसी प्रकार का लॉकडाउन लागू करने की कोई योजना नहीं है।

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