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गुजरात में साइबर ठगी का बड़ा खुलासा, जांच में संगठित अपराध से जुड़े तार सामने

अहमदाबाद: गुजरात पुलिस ने एक बड़े साइबर फ्रॉड गिरोह का पर्दाफाश करते हुए देशभर में फैले ठगी नेटवर्क को बेनकाब किया है। इस कार्रवाई में 50 करोड़ रुपये से अधिक की ऑनलाइन ठगी का खुलासा हुआ है। मामले की जांच के दौरान एक चौंकाने वाली कड़ी भी सामने आई है, जिसमें आरोपियों द्वारा इस्तेमाल किए गए बैंक खातों के संबंध एक अलग संगठित अपराध से जुड़े पाए गए हैं, जिसमें पूर्व नेता Baba Siddique के हत्या मामले का भी जिक्र सामने आया है।

गुजरात सीआईडी क्राइम की साइबर सेल ने इस पूरे नेटवर्क को पकड़ने के लिए कई जिलों में एक साथ कार्रवाई की। पुलिस ने आनंद और अहमदाबाद सहित विभिन्न इलाकों से 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के अनुसार, यह गिरोह देश के लगभग 20 राज्यों में सक्रिय था और 100 से अधिक साइबर अपराध मामलों से जुड़ा हुआ है।

जांच में सामने आया कि यह गिरोह आम लोगों को लालच देकर उनके बैंक खाते किराए पर लेता था। इसके बदले उन्हें कमीशन दिया जाता था। इन खातों का इस्तेमाल अवैध लेनदेन, ऑनलाइन निवेश घोटालों, फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म और UPI धोखाधड़ी के लिए किया जाता था। इस तरह के खातों को “म्यूल अकाउंट” कहा जाता है, जिनके जरिए ठगी की रकम को तेजी से एक खाते से दूसरे खाते में ट्रांसफर किया जाता है, ताकि ट्रैक करना मुश्किल हो जाए।

पुलिस ने बताया कि तकनीकी निगरानी और डिजिटल ट्रैकिंग के जरिए इस नेटवर्क के मुख्य संचालकों की पहचान की गई। आरोपियों के मोबाइल फोन और बैंक रिकॉर्ड की जांच में पता चला कि करीब 190 से अधिक बैंक खाते इस गिरोह से जुड़े हुए थे, जिनमें से कई खातों का इस्तेमाल सक्रिय रूप से किया जा रहा था।

जांच के दौरान एक महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया कि इन खातों में से एक का उपयोग एक अन्य संगठित अपराध में भी किया गया था, जो कि एक हाई-प्रोफाइल हत्या मामले से जुड़ा हुआ है। हालांकि पुलिस ने इस कड़ी की पुष्टि के लिए आगे की जांच जारी रखी है, लेकिन यह संकेत देता है कि साइबर अपराध अब केवल आर्थिक धोखाधड़ी तक सीमित नहीं रह गए हैं, बल्कि उनका संबंध बड़े आपराधिक नेटवर्क से भी हो सकता है।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास से 11 मोबाइल फोन, बैंक दस्तावेज, चेक बुक, एटीएम कार्ड और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई “ऑपरेशन म्यूल हंट” के तहत की गई है, जिसका उद्देश्य ऐसे फर्जी खातों के नेटवर्क को खत्म करना है।

अधिकारियों के अनुसार, इस गिरोह के खिलाफ गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश और केरल समेत कई राज्यों में मामले दर्ज हैं। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है और जल्द ही और गिरफ्तारियां होने की संभावना है।

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