मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने की दिशा में IIT दिल्ली के शोधकर्ताओं ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। संस्थान के शोधकर्ताओं ने देश की पहली स्वदेशी माइक्रो-ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट यानी माइक्रो-GPU विकसित की है। यह तकनीक विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल उपकरणों में ग्राफिक्स और डिस्प्ले प्रोसेसिंग के लिए इस्तेमाल की जा सकेगी।
शोधकर्ताओं के अनुसार, इस स्वदेशी माइक्रो-GPU का इस्तेमाल कई तरह के उपकरणों में किया जा सकता है। इनमें इलेक्ट्रिक वाहनों और ई-रिक्शा के डैशबोर्ड नेविगेटर, मछली पकड़ने वाली नौकाओं के नेविगेशन टर्मिनल, शैक्षिक ई-बुक रीडर, मेडिकल और डायग्नोस्टिक डिस्प्ले तथा पोर्टेबल हैंडहेल्ड गेमिंग डिवाइस शामिल हैं।
ग्राफिक्स और डिस्प्ले तकनीक में नई संभावनाएं
शोधकर्ताओं का कहना है कि इस तकनीक के विकास से देश में स्वदेशी ग्राफिक्स और डिस्प्ले-प्रोसेसिंग सिस्टम तैयार करने का रास्ता खुल सकता है। आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक हार्डवेयर में ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट यानी GPU का व्यापक इस्तेमाल होता है, लेकिन भारत फिलहाल GPU की जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर है।
देश में माइक्रो-GPU के विकास से ग्राफिक्स प्रोसेसिंग से जुड़े हार्डवेयर के लिए विदेशी आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है। इसके साथ ही इससे देश के इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में घरेलू तकनीकी क्षमता को बढ़ावा मिलने की संभावना है।
स्वदेशी हार्डवेयर के विकास की दिशा में कदम
IIT दिल्ली की यह पहल स्वदेशी हार्डवेयर और सेमीकंडक्टर तकनीक विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में सामने आई है। इससे भारत में ग्राफिक्स और डिस्प्ले तकनीक से जुड़े नए अनुप्रयोगों के विकास को भी बढ़ावा मिल सकता है।








