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लोकसभा में बढ़ते हंगामे पर स्पीकर ओम बिरला सख्त, प्रधानमंत्री पर टिप्पणी को लेकर जताई चिंता

नई दिल्ली:
लोकसभा के हालिया सत्र के दौरान सदन में लगातार बढ़ते शोर-शराबे और तीखी टिप्पणियों को लेकर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सख्त रुख अपनाया। सूत्रों के मुताबिक, कुछ सदस्यों द्वारा प्रधानमंत्री को लेकर की गई आपत्तिजनक और उकसाने वाली टिप्पणियों के बाद स्पीकर ने सदन की मर्यादा बनाए रखने पर जोर दिया।

बताया जा रहा है कि कार्यवाही के दौरान विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी बहस के बीच हालात इतने बिगड़ गए कि अध्यक्ष को हस्तक्षेप करना पड़ा। स्पीकर ओम बिरला ने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में असहमति का अधिकार सभी को है, लेकिन व्यक्तिगत टिप्पणियां और उकसाने वाले बयान संसदीय परंपराओं के खिलाफ हैं।

अध्यक्ष ने सदस्यों को चेताया कि प्रधानमंत्री जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के खिलाफ असंसदीय भाषा या धमकी भरे संकेत सदन की गरिमा को ठेस पहुंचाते हैं। उन्होंने कहा कि लोकसभा बहस और चर्चा का मंच है, न कि दबाव बनाने या टकराव को बढ़ाने का।

इस दौरान स्पीकर ने सभी दलों से अपील की कि वे राजनीतिक मतभेदों को लोकतांत्रिक दायरे में रखें और नियमों का पालन करें। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यदि भविष्य में नियमों का उल्लंघन हुआ तो सख्त कार्रवाई से पीछे नहीं हटेंगे।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब संसद के भीतर लगातार व्यवधान बढ़ रहे हैं और कार्यवाही सुचारु रूप से चलाना एक बड़ी चुनौती बन गया है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि दल इस संदेश को कितनी गंभीरता से लेते हैं और सदन की कार्यसंस्कृति में सुधार होता है या नहीं।

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