एल-69 बैठक में जयशंकर ने UNSC सुधार की जरूरत पर जताई चिंता, कहा- बदलावों का सबसे ज्यादा असर ग्लोबल साउथ पर पीएम मोदी आज सेवा संकल्प अभियान के प्रतिभागियों से करेंगे संवाद, वडनगर से वाराणसी तक जारी है सेवा यात्रा भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाने की बड़ी उपलब्धि, सर्वाधिक शुगर रिकवरी के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार विश्व आयुर्वेद दिवस: पीएम मोदी के विजन पर आगे बढ़ा पतंजलि, हरिद्वार में खुला देश का पहला आयुर्वेद गुरुकुलम् मंच पर मुख्यमंत्री से लेकर कांग्रेस विधायक तक के हाथ में पहुंचा ‘वही’ पतंजलि घी, फिर स्वामी रामदेव ने जो कहा… पीएम मोदी ने उडुपी में श्री श्री विश्वप्रसन्न तीर्थ स्वामीजी से की मुलाकात, विश्वेश तीर्थ स्वामीजी की जन्म शताब्दी का लोगो किया जारी

नोएडा में मजदूरों का विरोध जारी: वेतन बढ़ोतरी के बावजूद हालात तनावपूर्ण, 300 से अधिक गिरफ्तार

नोएडा: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी की घोषणा के बावजूद नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में मजदूरों का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। मंगलवार को भी सेक्टर 80, 121, 60 और फेज-2 समेत कई इलाकों में श्रमिकों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। स्थिति उस समय और गंभीर हो गई जब कुछ स्थानों पर प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया।

पुलिस के अनुसार, अब तक इस मामले में सात एफआईआर दर्ज की गई हैं और 300 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गौतम बुद्ध नगर की पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने बताया कि हिंसा में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है और जल्द ही अन्य आरोपियों पर भी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि कुछ संगठित समूहों द्वारा प्रदर्शन को भड़काने की कोशिश की गई, जिसकी जांच जारी है।

सोमवार को शुरू हुआ यह विरोध प्रदर्शन अचानक उग्र हो गया था, जिसमें कई जगहों पर आगजनी, पथराव और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं। इससे औद्योगिक इकाइयों में कामकाज प्रभावित हुआ और स्थानीय प्रशासन को हालात काबू में लाने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि पिछले कुछ दिनों में सोशल मीडिया पर कई नए अकाउंट बनाए गए, जिनके जरिए मजदूरों को भड़काने और गलत जानकारी फैलाने की कोशिश की गई। पुलिस इन अकाउंट्स के पीछे मौजूद लोगों और उनकी फंडिंग के स्रोतों की भी जांच कर रही है।

वहीं दूसरी ओर, मजदूरों का कहना है कि सरकार द्वारा घोषित वेतन बढ़ोतरी का असर अभी जमीनी स्तर पर दिखाई नहीं दे रहा है। नोएडा फेज-2 की एक गारमेंट फैक्ट्री में काम करने वाले तुलाराम ने बताया कि उनकी मासिक आय करीब ₹13,000 है, जो परिवार चलाने के लिए पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि उनकी सैलरी हर महीने 10 तारीख तक खत्म हो जाती है, जिसके बाद उन्हें ओवरटाइम या अतिरिक्त काम करना पड़ता है।

तुलाराम ने यह भी कहा कि उन्हें वेतन बढ़ोतरी को लेकर किसी प्रकार की आधिकारिक जानकारी फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से नहीं दी गई है। उनका मानना है कि जब तक मालिक वेतन नहीं बढ़ाएंगे, तब तक सरकारी घोषणा का कोई वास्तविक लाभ नहीं मिलेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस पूरे मामले में सरकार और उद्योग प्रबंधन के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत है, ताकि मजदूरों तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंच सके। फिलहाल प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें

🔮 आज का राशिफल