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राघव चड्ढा के BJP में जाने पर सियासी घमासान, भगवंत मान की ‘सब्ज़ी’ टिप्पणी से बढ़ा विवाद

पंजाब की राजनीति में उस समय हलचल तेज हो गई जब आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया। इस फैसले के बाद सियासी बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बिना नाम लिए एक टिप्पणी की, जिसे लेकर अब विवाद खड़ा हो गया है।

दरअसल, भगवंत मान ने पंजाबी में एक पोस्ट करते हुए ‘सब्ज़ी’ का उदाहरण दिया। उन्होंने लिखा कि अदरक, लहसुन, जीरा, मेथी, लाल मिर्च, काली मिर्च और धनिया जैसे मसाले मिलकर ही सब्ज़ी का स्वाद बनाते हैं, लेकिन ये अकेले सब्ज़ी नहीं बन सकते। उनके इस बयान को राघव चड्ढा के पार्टी छोड़ने से जोड़कर देखा जा रहा है।

इस टिप्पणी पर भाजपा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इसे किसानों का अपमान बताया। उन्होंने कहा कि जिन फसलों से ये मसाले तैयार होते हैं, वे किसानों की मेहनत का परिणाम हैं और इस तरह की टिप्पणी करना उचित नहीं है। सैनी ने यह भी कहा कि इस तरह के बयान केवल मनोरंजन के लिए हो सकते हैं, लेकिन इससे कोई ठोस बदलाव नहीं आता।

राघव चड्ढा का भाजपा में शामिल होना AAP के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि उनके साथ छह अन्य सांसदों ने भी पार्टी छोड़ी है, जिससे राज्यसभा में AAP की ताकत पर असर पड़ सकता है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब पार्टी पहले से कई राजनीतिक चुनौतियों का सामना कर रही है।

चड्ढा ने पार्टी छोड़ते हुए AAP पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उन्होंने 15 साल पार्टी को दिए, लेकिन अब पार्टी अपने मूल सिद्धांतों से भटक गई है। उनके अनुसार, AAP अब ईमानदार राजनीति से दूर हो गई है और उसमें भ्रष्टाचार बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि वह गलत कार्यों का हिस्सा नहीं बनना चाहते, इसलिए उन्होंने यह कदम उठाया।

वहीं, आम आदमी पार्टी ने इस पूरे घटनाक्रम को “जनता के साथ विश्वासघात” बताया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि चड्ढा का यह फैसला व्यक्तिगत स्वार्थ से प्रेरित है और इससे पार्टी की विचारधारा पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस घटनाक्रम का असर आने वाले समय में पंजाब और राष्ट्रीय राजनीति दोनों पर पड़ सकता है। एक तरफ जहां BJP इसे अपने विस्तार के रूप में देख रही है, वहीं AAP के लिए यह एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है।

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