चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विपक्षी दलों के बीच जारी राजनीतिक खींचतान के बीच INDIA ब्लॉक की बुधवार को नई दिल्ली में महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में होने वाली इस बैठक में विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर अपनी आगे की रणनीति पर विचार करेंगे। बैठक में SIR से जुड़े मुद्दों के साथ-साथ मतदाता सूची में बदलाव और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता से जुड़े सवालों पर भी चर्चा होने की संभावना है।
20 से अधिक दलों के प्रतिनिधियों के पहुंचने की उम्मीद
बैठक में INDIA गठबंधन से जुड़े 20 से अधिक राजनीतिक दलों के नेता या प्रतिनिधि शामिल हो सकते हैं। कांग्रेस की ओर से सोनिया गांधी, राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के शामिल होने की बात सामने आई है।
समाजवादी पार्टी की ओर से सांसद हरेंद्र मलिक और मौलाना मोहिब्बुल्लाह नदवी को बैठक के लिए नामित किया गया है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव की गैरमौजूदगी को लेकर पहले चर्चा थी, लेकिन बाद में बताया गया कि वह उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव से जुड़ी व्यस्तताओं के कारण बैठक में शामिल नहीं होंगे।
ममता बनर्जी से लेकर तेजस्वी यादव तक कई नेता होंगे शामिल
बैठक में तृणमूल कांग्रेस की ओर से ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी, RJD से तेजस्वी यादव, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और PDP प्रमुख महबूबा मुफ्ती सहित कई प्रमुख नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है।
इसके अलावा झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे, NCP (SP) की सुप्रिया सुले, CPI(M) महासचिव एमए बेबी, CPI महासचिव डी. राजा, CPI(ML) नेता दीपांकर भट्टाचार्य और निर्दलीय सांसद कपिल सिब्बल समेत अन्य नेता या प्रतिनिधि भी बैठक में मौजूद रह सकते हैं।
देशव्यापी आंदोलन की रूपरेखा पर भी चर्चा
बैठक में विपक्षी दल SIR के मुद्दे को लेकर आगे चलाए जाने वाले संयुक्त अभियान की रूपरेखा पर विचार कर सकते हैं। विपक्षी नेताओं की ओर से देश के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन और जनसभाएं आयोजित करने की योजना पर भी चर्चा होने की बात कही गई है।
इसके अलावा संसद में मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने से संबंधित प्रस्ताव लाने के मुद्दे पर भी विपक्षी दलों के बीच विचार-विमर्श हो सकता है। हाल के दिनों में कई विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर अलग-अलग स्तर पर अपनी आपत्तियां दर्ज कराई हैं।
कांग्रेस CWC में पहले ही उठा चुकी है मुद्दा
INDIA ब्लॉक की बैठक से एक दिन पहले कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में भी चुनाव आयोग और SIR को लेकर पार्टी की रणनीति पर चर्चा हुई। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची में बदलाव से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए कई मांगें रखीं।
खड़गे ने मांग की कि मतदाता सूची में किए गए बदलाव से जुड़ा पूरा आंकड़ा सार्वजनिक किया जाए। जिन मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं, उन्हें अपनी आपत्ति दर्ज कराने और अपील करने का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने राजनीतिक दलों को समय पर सरल प्रारूप में मतदाता सूची उपलब्ध कराने की भी मांग रखी।
कांग्रेस की ओर से गंभीर गड़बड़ियों वाले मामलों में स्वतंत्र और समयबद्ध जांच की मांग भी रखी गई है। पार्टी का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए ताकि मतदाताओं और राजनीतिक दलों के बीच चुनाव व्यवस्था को लेकर भरोसा बना रहे।
चुनाव आयोग और सरकार ने आरोपों को किया खारिज
दूसरी ओर, चुनाव आयोग और सरकार से जुड़े सूत्रों ने विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि SIR मतदाता सूची के पुनरीक्षण की एक वैधानिक प्रक्रिया है और इसका उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट करना तथा मृत, डुप्लीकेट, फर्जी या दूसरे स्थान पर स्थानांतरित हो चुके मतदाताओं की पहचान करना है।
आयोग की ओर से यह भी तर्क दिया गया है कि प्रक्रिया का उद्देश्य पात्र मतदाताओं को सूची से हटाना नहीं, बल्कि मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाना है। आयोग ने अपने स्तर पर सामने आने वाले मतदाता सूची संबंधी मामलों की समीक्षा और आवश्यक कार्रवाई की प्रक्रिया का भी उल्लेख किया है। हालिया रिपोर्टों के मुताबिक, मतदाता सूची में बदलाव से संबंधित सॉफ्टवेयर और प्रक्रियाओं की समीक्षा भी शुरू की गई है।
SIR को लेकर क्यों बढ़ा विवाद?
SIR के तहत मतदाता सूची की दोबारा जांच और सत्यापन को लेकर विपक्षी दल लगातार सवाल उठा रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में नाम प्रभावित हुए हैं और पात्र मतदाताओं को अपनी स्थिति स्पष्ट करने का पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए।
वहीं चुनाव आयोग का पक्ष है कि मतदाता सूची को व्यवस्थित और अद्यतन रखना चुनाव प्रक्रिया का आवश्यक हिस्सा है। आयोग से जुड़े सूत्रों ने विपक्ष की ओर से हटाए गए नामों को सीधे बहाल करने की मांग पर भी सवाल उठाया है। उनका तर्क है कि सत्यापन प्रक्रिया पूरी किए बिना हटाए गए नामों को दोबारा जोड़ने से मतदाता सूची की जांच का उद्देश्य प्रभावित हो सकता है।
आगे की रणनीति पर रहेगी नजर
INDIA ब्लॉक की यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब विपक्षी दल चुनाव आयोग और SIR को लेकर साझा रुख बनाने की कोशिश कर रहे हैं। बैठक में विभिन्न दलों के बीच समन्वय, संसद में आगे की कार्रवाई, सार्वजनिक अभियान और संभावित देशव्यापी कार्यक्रमों को लेकर चर्चा महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
हालांकि, बैठक में लिए जाने वाले अंतिम फैसलों की जानकारी सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि विपक्षी दल संयुक्त रूप से किन कदमों को आगे बढ़ाते हैं।








