भारत और यूरोपीय संघ (EU) ने 27 जनवरी 2026 को लंबी बातचीत के बाद ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता (Free Trade Agreement – FTA) अंतिम रूप दिया है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि यह समझौता इसी वर्ष 2026 के भीतर लागू किया जाएगा और इससे खासकर श्रम-गहन उद्योगों को बड़ा लाभ मिलेगा।
FTA कब लागू होगा?
गोयल ने स्पष्ट किया कि इस समझौते को 2026 के भीतर लागू करने का लक्ष्य है, ताकि दोनों पक्षों के व्यापार को जल्द से जल्द नई गति मिले।
किस सेक्टर को मिलेगा लाभ?
FTA से उन क्षेत्रों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की संभावना है, जिनमें रोजगार-गहन उत्पादन होता है, जैसे:
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वस्त्र और परिधान (Textiles & Apparel)
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चमड़ा, जूतियाँ और होंड़े (Leather & Footwear)
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जेम्स और आभूषण
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समुद्री उत्पाद
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रबर, केमिकल और खिलौने
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इलेक्ट्रॉनिक्स और इंजीनियरिंग-गुड्स
इन श्रम-गहन क्षेत्रों को यूरोपीय बाजार में टैरिफ छूट और आसान पहुंच मिलने से रोजगार और निर्यात में वृद्धि की उम्मीद है।
व्यापार और आर्थिक अवसर:
गोयल ने कहा कि यह समझौता दोनों अर्थव्यवस्थाओं के उद्योगों के लिए “विन-विन” (win-win) अवसर प्रदान करेगा और निवेश तथा निर्यात के नए दरवाज़े खोलेगा।
FTA के लागू होने के बाद व्यवसायों को 27 अरब डॉलर से भी अधिक की व्यापार वृद्धि और निर्यात को दोगुना करने के अवसर मिल सकते हैं।
सरकार का रुख:
भारत के अधिकारियों का कहना है कि इस समझौते से देश के MSMEs, कारीगर, युवा कामगार और महिलाओं को वैश्विक बाजारों में प्रतिस्पर्धा का बेहतर अवसर मिलेगा और उत्पादन-उन्मुख अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा।
राय और आगे की राह:
विशेषज्ञ इस समझौते को “ग्लोबल व्यापार में भारत की भूमिका को मजबूत करने वाला” मान रहे हैं। हालांकि आलोचक भी हैं, जिन्होंने कृषि और संवेदनशील घरेलू बाजारों के लिए सावधानियाँ सुझाई हैं।
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