-हरिद्वार डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन ने व्यापारियों से किया सांकेतिक विरोध में शामिल होने का आह्वान,
-QR कोड और UPI डिवाइस बंद रखने की अपील, देश के व्यापारी भी इस आंदोलन में रहेंगे शामिल
हरिद्वार। ₹2,000 से अधिक के चुनिंदा UPI व्यापारी लेनदेन पर प्रस्तावित 0.4 प्रतिशत Merchant Discount Rate (MDR) के विरोध में हरिद्वार के व्यापारियों ने भी 2 अक्टूबर को ‘No UPI Day’ के रूप में सांकेतिक विरोध करने का ऐलान किया है। हरिद्वार डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन ने व्यापारियों से अपील की है कि 2 अक्टूबर को UPI, Paytm अथवा अन्य ऑनलाइन माध्यमों से भुगतान स्वीकार न कर केवल नकद भुगतान लिया जाए। एसोसिएशन का दावा है कि इस दिन देश के व्यापारी भी यूपीआई से लेनदेन नहीं करेंगे।
एसोसिएशन की ओर से जारी अपील में इसे व्यापारियों की एकजुटता और विरोध का सांकेतिक कार्यक्रम बताया गया है। पोस्टर में ‘Nation-Wide Protest’, ‘व्यापारियों की एकजुट आवाज’ और ‘One Nation | One Trade Fraternity | One Voice’ का संदेश दिया गया है।
व्यापारियों की ओर से जारी संदेश में कहा गया है कि 2 अक्टूबर को UPI QR, Sound Box और Scanner को इस्तेमाल से अलग रखा जाएगा और ग्राहक से नकद भुगतान लेने का आग्रह किया जाएगा। देश के कुछ अन्य व्यापारिक संगठनों ने भी 2 अक्टूबर को इसी तरह के विरोध का आह्वान किया है। एसोसिएशन का कहना है कि यह कार्यक्रम किसी ग्राहक को परेशान करने के लिए नहीं बल्कि व्यापारियों की चिंता को सामने रखने के लिए सांकेतिक विरोध है।
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हरिद्वार के व्यापारी बोले, ‘हम एक हैं, एक रहेंगे’
हरिद्वार डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेंद्र भटेजा, प्रांतीय उपाध्यक्ष मनोज अग्रवाल, महामंत्री सुनील अरोड़ा, उपाध्यक्ष सागर आहूजा सहित संगठन से जुड़े व्यापारियों ने इस अभियान के समर्थन की बात कही है।
विरोध में शामिल व्यापारियों में अमित बत्रा, मनीष बत्रा, रुपेश गोयल, अतुल गोयल, शैलाभ गोयल, अमितेश गुप्ता, दीपक कंसल, तरुण भाटिया, सुरेश साहनी, अभिषेक बाटला, आलोक गुप्ता, गौरव शर्मा, संजीव बब्बर, नीरज मंगल, दीपक हंस, अभिषेक अग्रवाल, कमल अरोड़ा, श्रेया अरोड़ा, गौरव गाबा, आशीष अग्रवाल, राजीव अरोड़ा, राजीव चड्ढा, विपिन शर्मा, संदीप, आशीष गर्ग, नितिन गुप्ता, कमलकांत चावला, प्रभास कंसल, अमित अग्रवाल, अमित अरोड़ा, इंद्रजीत, दीपक गोयल, सचिन गोयल, हरीश ढींगरा और मयंक कुमार समेत अन्य व्यापारी शामिल हैं।
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क्या है पूरा मामला?
देश में UPI भुगतान लंबे समय से Zero-MDR मॉडल पर चल रहा है। अब NPCI के नए शुल्क ढांचे के तहत 15 अक्टूबर 2026 से ₹2,000 से अधिक के पात्र Person-to-Merchant (P2M) UPI लेनदेन पर 0.4% MDR लागू किया जाना है।
नए ढांचे में कुछ श्रेणियों और छोटे व्यापारियों को राहत दी गई है। रिपोर्टों के अनुसार, छोटे व्यापारियों के लिए छूट का प्रावधान है और कुछ विशेष क्षेत्रों में अलग शुल्क व्यवस्था है। बड़े मूल्य के लेनदेन पर MDR की अधिकतम सीमा भी निर्धारित की गई है।
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व्यापारियों की चिंता क्या है?
व्यापारी संगठनों का तर्क है कि खुदरा कारोबार में पहले से ही मार्जिन सीमित है। ऐसे में डिजिटल भुगतान पर MDR लगने से उनके भुगतान संबंधी खर्च बढ़ सकते हैं। इसी वजह से देश के अलग-अलग हिस्सों में व्यापारिक संगठनों ने ‘No UPI Day’ जैसे सांकेतिक विरोध का आह्वान किया है।
वहीं सरकार की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि MDR का भार सीधे ग्राहक पर डालने की अनुमति नहीं होगी और सामान्य ग्राहक से UPI भुगतान के लिए अलग शुल्क नहीं लिया जाना है।
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सुप्रीम कोर्ट में भी पहुंचा मामला
UPI पर MDR लगाए जाने के फैसले को लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है। 28 सितंबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल इस व्यवस्था पर रोक लगाने से इनकार कर दिया, जबकि केंद्र, RBI और NPCI से संबंधित पक्षों का जवाब मांगा गया है। रिपोर्टों के मुताबिक सरकार ने कहा है कि नया MDR 15 अक्टूबर से प्रभावी होना निर्धारित है।
इसी पृष्ठभूमि में 2 अक्टूबर का प्रस्तावित विरोध महत्वपूर्ण हो गया है। हरिद्वार के व्यापारियों का कहना है कि वे इस दिन नकद भुगतान को प्राथमिकता देकर UPI पर MDR के विरोध का सांकेतिक संदेश देंगे।








