सिक्किम में निर्माणाधीन सुरंग (टनल) के ढहने के बाद चलाए जा रहे राहत और बचाव अभियान के दौरान अब तक 13 श्रमिकों के शव बरामद किए जा चुके हैं। अधिकारियों के अनुसार, हादसे के बाद सुरंग के भीतर कीचड़ और पानी भर जाने से बचाव कार्य प्रभावित हुआ था, लेकिन हालात सामान्य होने पर रेस्क्यू ऑपरेशन फिर से शुरू कर दिया गया।
अधिकारियों का कहना है कि बचाव दल लगातार सुरंग के अंदर फंसे लोगों की तलाश में जुटा है और पानी निकालने के लिए विशेष उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
दम घुटने और विस्फोट की आशंका
एसटीएनएम अस्पताल के अतिरिक्त चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुरेश मदन रासैली के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि कुछ श्रमिकों की मौत मीथेन गैस के कारण दम घुटने से हुई हो सकती है। उन्होंने बताया कि मीथेन गैस तेजी से फैलती है और ऐसी स्थिति में कुछ ही मिनटों में जान का खतरा पैदा हो सकता है।
डॉक्टरों ने यह भी बताया कि कुछ शवों पर चोट और जलने के निशान मिले हैं। शुरुआती अनुमान के मुताबिक, चोटें सुरंग के मलबे के गिरने से लगी होंगी, जबकि जलने के निशान किसी विस्फोट के कारण हो सकते हैं। हालांकि, मौत के सटीक कारण का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।
शवों की पहचान का काम जारी
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, अब तक बरामद शवों में से आठ की पहचान हो चुकी है। इनमें चार श्रमिक पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले के रहने वाले हैं, जबकि अन्य मृतकों में पंजाब, उत्तराखंड, असम और सिक्किम के एक-एक श्रमिक शामिल हैं।
बाकी शवों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। अधिकारियों ने बताया कि यदि आवश्यक हुआ तो डीएनए परीक्षण के जरिए मृतकों की पहचान सुनिश्चित की जाएगी।
राहत और बचाव अभियान फिर शुरू
बुधवार सुबह राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और पश्चिम बंगाल के आसनसोल से पहुंची विशेष बचाव टीम ने दोबारा अभियान शुरू किया। सुरंग में जमा पानी और कीचड़ निकालने के लिए हाई-कैपेसिटी पंप लगाए गए हैं, ताकि अंदर तक सुरक्षित पहुंच बनाई जा सके।
बचाव दल अत्याधुनिक उपकरणों की मदद से सुरंग के अंदर संभावित स्थानों की जांच कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि अभियान पूरी सावधानी के साथ चलाया जा रहा है ताकि किसी भी तरह का अतिरिक्त जोखिम न हो।
मृतकों के परिजनों को मुआवजे का ऐलान
हादसे के बाद विभिन्न सरकारों और संस्थाओं ने मृतकों के परिजनों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की है।
- एनएचपीसी (NHPC) ने प्रत्येक मृतक के परिजनों को 5 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।
- सिक्किम सरकार ने प्रत्येक मृतक के परिवार को 4 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता देने का ऐलान किया है।
- पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के मृतक श्रमिकों के परिवारों के लिए 5 लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की है।
अन्य राज्यों ने भी मांगी सहायता
झारखंड के मुख्यमंत्री ने भी सिक्किम सरकार से अनुरोध किया है कि राज्य के उन श्रमिकों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाए, जो सुरंग निर्माण परियोजना में कार्यरत थे। बताया जा रहा है कि झारखंड के कई मजदूर इस परियोजना में काम कर रहे थे।
जांच के आदेश
हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। विशेषज्ञ यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि सुरंग ढहने की वजह क्या थी और क्या सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन किया गया था। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।








