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NEET को पूरी तरह खत्म करने की मांग पर अड़ी विजय की TVK, राज्यों को शिक्षा पर अधिक अधिकार देने की उठाई आवाज

राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) को लेकर देशभर में जारी बहस के बीच अभिनेता और तमिलगा वेट्ट्री कझगम (TVK) के संस्थापक विजय की पार्टी ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा को पूरी तरह समाप्त करने की मांग दोहराई है। पार्टी का कहना है कि केवल परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच पर्याप्त नहीं है, बल्कि मौजूदा व्यवस्था में व्यापक बदलाव की आवश्यकता है।

TVK ने स्पष्ट किया कि उसका रुख शुरू से ही NEET को समाप्त करने का रहा है। पार्टी का मानना है कि मेडिकल शिक्षा में प्रवेश की प्रक्रिया तय करने का अधिकार राज्यों के पास होना चाहिए, ताकि वे अपनी आवश्यकताओं और परिस्थितियों के अनुसार निर्णय ले सकें।

शिक्षा को राज्य सूची में शामिल करने की मांग

पार्टी ने अपने बयान में कहा कि शिक्षा से जुड़े विषयों को संविधान की समवर्ती सूची (Concurrent List) से हटाकर राज्य सूची (State List) में शामिल किया जाना चाहिए। यदि ऐसा करना तत्काल संभव नहीं है, तो अंतरिम व्यवस्था के रूप में एक विशेष समवर्ती सूची बनाई जा सकती है, जिससे राज्यों को मेडिकल शिक्षा सहित शिक्षा के विभिन्न क्षेत्रों में अधिक अधिकार मिल सकें।

TVK का कहना है कि इससे राज्य सरकारें स्थानीय जरूरतों के अनुरूप शिक्षा नीतियां बना सकेंगी और छात्रों के हितों की बेहतर सुरक्षा हो सकेगी।

NEET पर पुराना रुख दोहराया

पार्टी ने कहा कि उसका उद्देश्य केवल परीक्षा में सुधार की मांग करना नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्था तैयार करना है जिसमें छात्रों को निष्पक्ष और समान अवसर मिलें। TVK का दावा है कि उसके नेता विजय पहले भी सार्वजनिक रूप से शिक्षा के क्षेत्र में राज्यों की भूमिका मजबूत करने की वकालत कर चुके हैं।

राजनीतिक बयानबाजी भी तेज

अपने बयान में TVK ने बिना किसी दल का नाम लिए उन राजनीतिक दलों पर निशाना साधा, जो चुनाव के दौरान NEET को समाप्त करने के वादे करते हैं लेकिन बाद में उस दिशा में ठोस परिणाम नहीं दिखते। पार्टी ने कहा कि वह केवल चुनावी वादों की राजनीति नहीं, बल्कि व्यावहारिक और संवैधानिक समाधान की पक्षधर है।

तमिलनाडु में NEET लंबे समय से राजनीतिक और सामाजिक बहस का प्रमुख विषय रहा है। राज्य के कई राजनीतिक दल लगातार यह मांग करते रहे हैं कि मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए राज्यों को अपनी अलग व्यवस्था लागू करने की अनुमति मिलनी चाहिए।

विरोध प्रदर्शन के बीच आया बयान

TVK का यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश के विभिन्न हिस्सों में छात्र शिक्षा व्यवस्था और प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। तमिलनाडु में भी NEET को लेकर समय-समय पर विरोध प्रदर्शन होते रहे हैं।

इसी दौरान तमिल रैपर और सामाजिक कार्यकर्ता ‘थेरुक्कुरल’ अरिवु ने भी NEET के विरोध में आवाज उठाई। उन्होंने चेन्नई स्थित तमिलनाडु सचिवालय के बाहर परीक्षा के खिलाफ नारे लगाए, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें वहां से हटा दिया।

राज्यों को अधिक अधिकार देने की मांग

विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षा को लेकर केंद्र और राज्यों के अधिकारों पर बहस नई नहीं है। कई राज्य सरकारें लंबे समय से शिक्षा नीति और प्रवेश प्रक्रिया में अधिक स्वायत्तता की मांग करती रही हैं। वहीं केंद्र सरकार राष्ट्रीय स्तर पर एक समान प्रवेश प्रक्रिया को शिक्षा में समान अवसर सुनिश्चित करने का माध्यम बताती रही है।

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