प्रधानमंत्री ने कहा- भक्ति, ज्ञान और सेवा से जुड़ा श्री विश्वेश तीर्थ स्वामीजी का जीवन आज भी लोगों के लिए प्रेरणास्रोत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कर्नाटक के उडुपी स्थित श्री पेजावर अधोक्षज मठ में श्री श्री विश्वप्रसन्न तीर्थ स्वामीजी से मुलाकात की। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने पद्म विभूषण यतिपुल चक्रवर्ती श्री विश्वेश तीर्थ स्वामीजी की जन्म शताब्दी समारोह के लोगो का अनावरण किया।
प्रधानमंत्री की इस मुलाकात के दौरान मठ से जुड़े अन्य गणमान्य लोग भी मौजूद रहे। मुलाकात के बाद प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर इसकी जानकारी साझा की और कार्यक्रम की तस्वीरें भी पोस्ट कीं।
जन्म शताब्दी समारोह के लोगो का किया अनावरण
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्री विश्वप्रसन्न तीर्थ स्वामीजी से मुलाकात के दौरान श्री विश्वेश तीर्थ स्वामीजी की जन्म शताब्दी समारोह के लिए तैयार किए गए लोगो का अनावरण किया। यह समारोह उनके जीवन, विचारों और कार्यों से जुड़े विभिन्न आयोजनों और गतिविधियों के माध्यम से मनाया जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि श्री विश्वेश तीर्थ स्वामीजी का जीवन भक्ति, शिक्षा और सेवा से जुड़ा रहा। प्रधानमंत्री के अनुसार, उनका जीवन आज भी बड़ी संख्या में लोगों को प्रेरणा देता है।
प्रधानमंत्री ने साझा की मुलाकात की तस्वीरें
मुलाकात के बाद प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि उन्होंने उडुपी के श्री पेजावर अधोक्षज मठ के श्री श्री विश्वप्रसन्न तीर्थ स्वामीजी और अन्य गणमान्य लोगों से मुलाकात की।
उन्होंने जन्म शताब्दी समारोह के लोगो के अनावरण की जानकारी भी साझा की। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में श्री विश्वेश तीर्थ स्वामीजी के जीवन में भक्ति, ज्ञान और सेवा के महत्व का उल्लेख किया।

विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए आगे बढ़ेगी विरासत
प्रधानमंत्री ने कहा कि श्री विश्वेश तीर्थ स्वामीजी की जन्म शताब्दी के अवसर पर किए जा रहे विभिन्न आयोजन और पहल उनके आदर्शों को आगे बढ़ाने में मदद करेंगे। जन्म शताब्दी के लिए होने वाली गतिविधियों के जरिए उनके विचारों और सामाजिक एवं आध्यात्मिक योगदान को लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
इस अवसर पर लोगो का अनावरण जन्म शताब्दी समारोह से जुड़ी तैयारियों के महत्वपूर्ण चरण के रूप में सामने आया है।
उडुपी में मठ से जुड़ा विशेष आयोजन
श्री पेजावर अधोक्षज मठ उडुपी की धार्मिक और आध्यात्मिक परंपरा से जुड़ा महत्वपूर्ण केंद्र है। प्रधानमंत्री की मठ यात्रा के दौरान श्री श्री विश्वप्रसन्न तीर्थ स्वामीजी के साथ मुलाकात हुई। इस दौरान जन्म शताब्दी समारोह की तैयारियों और उससे जुड़े कार्यक्रमों का भी संदर्भ सामने आया।
प्रधानमंत्री और स्वामीजी की मुलाकात के दौरान अन्य गणमान्य व्यक्तियों की भी मौजूदगी रही। कार्यक्रम के बाद जारी तस्वीरों में प्रधानमंत्री को श्री विश्वप्रसन्न तीर्थ स्वामीजी के साथ बातचीत करते हुए देखा गया।
भक्ति, शिक्षा और सेवा को बताया प्रेरणा का आधार
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में विशेष रूप से श्री विश्वेश तीर्थ स्वामीजी के जीवन से जुड़े तीन प्रमुख पहलुओं—भक्ति, शिक्षा और सेवा—का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उनका जीवन लोगों को प्रेरणा देता रहा है और जन्म शताब्दी के अवसर पर आयोजित होने वाली गतिविधियां उनके आदर्शों को आगे ले जाने में योगदान करेंगी।
जन्म शताब्दी समारोह के लोगो का अनावरण इसी क्रम में एक महत्वपूर्ण पहल के तौर पर किया गया है। आने वाले समय में समारोह से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों और आयोजनों के जरिए श्री विश्वेश तीर्थ स्वामीजी के जीवन और उनके कार्यों को स्मरण किया जाएगा।
आधिकारिक जानकारी
प्रधानमंत्री कार्यालय और प्रेस सूचना ब्यूरो के अनुसार यह मुलाकात 22 सितंबर 2026 को कर्नाटक के उडुपी में हुई। प्रधानमंत्री ने श्री श्री विश्वप्रसन्न तीर्थ स्वामीजी से मुलाकात के साथ श्री विश्वेश तीर्थ स्वामीजी की जन्म शताब्दी समारोह के लोगो का अनावरण किया।








