बिहार में NEET परीक्षा से जुड़े कथित पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं को लेकर जारी विरोध प्रदर्शन के बीच पुलिस ने CPI(ML) लिबरेशन के विधायक संदीप सौरव को गिरफ्तार कर लिया है। उन पर पटना में हुए प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़काने और कानून-व्यवस्था प्रभावित करने के आरोप लगाए गए हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद विधायक को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की जांच जारी है और घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
प्रदर्शन के दौरान हिंसा का आरोप
बुधवार को पटना में छात्र संगठन AISA के नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में छात्र और समर्थक सड़कों पर उतरे थे। प्रदर्शन का उद्देश्य कथित NEET पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करने और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग करना था।
हालांकि, प्रदर्शन के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस के अनुसार, कुछ स्थानों पर हिंसा हुई, जिसमें वाहनों को नुकसान पहुंचाने और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के साथ धक्का-मुक्की तथा मारपीट की घटनाएं सामने आईं। इसके बाद पुलिस ने कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया।
विधायक पर क्या हैं आरोप?
जांच एजेंसियों का आरोप है कि विधायक संदीप सौरव प्रदर्शन में सक्रिय रूप से शामिल थे और उन्होंने कथित तौर पर भीड़ को उग्र होने के लिए उकसाया। इसी आधार पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई।
दूसरी ओर, CPI(ML) के नेताओं और समर्थकों का कहना है कि प्रदर्शन लोकतांत्रिक तरीके से किया जा रहा था और उनके नेता पर लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। पार्टी ने गिरफ्तारी को राजनीतिक कार्रवाई बताते हुए विरोध दर्ज कराया है।
विधानसभा में भी गूंजा मामला
इस घटनाक्रम की चर्चा बिहार विधानसभा में भी हुई। सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के कई विधायकों ने आरोप लगाया कि विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़काने में विधायक की भूमिका रही।
विपक्षी दलों ने इस मामले में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दी हैं और निष्पक्ष जांच की मांग की है। राजनीतिक हलकों में यह मुद्दा लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है।
कई जिलों में फैला विरोध प्रदर्शन
पटना की घटना के बाद राज्य के कई अन्य जिलों में भी विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। जहानाबाद, दरभंगा, कटिहार, बेगूसराय सहित कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों ने रैलियां निकालीं और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग दोहराई।
पुलिस के अनुसार, कुछ जगहों पर प्रदर्शन के दौरान बैरिकेडिंग तोड़ने, पथराव करने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं भी दर्ज की गईं। इसके बाद सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई।
100 से अधिक प्रदर्शनकारी हिरासत में
प्रशासन ने बताया कि विभिन्न जिलों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक कार्रवाई की गई। गुरुवार को राज्यभर में 114 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया, जबकि शुक्रवार को 32 अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस का कहना है कि जिन लोगों की पहचान हिंसा या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में हुई है, उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
परीक्षा सुधार की मांग बनी हुई है
इस पूरे घटनाक्रम के बीच छात्र संगठन लगातार परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, निष्पक्ष जांच और भविष्य में किसी भी प्रकार की अनियमितता रोकने के लिए सख्त व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।








