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असम के मंत्री की बेटी छात्रों के प्रदर्शन में शामिल, NEET-UG विवाद पर केंद्र से कार्रवाई की मांग तेज

असम की राजनीति में उस समय नई चर्चा शुरू हो गई, जब राज्य के वरिष्ठ मंत्री केशब महंता की बेटी दिबीसा महंता गुवाहाटी में छात्रों के विरोध प्रदर्शन में शामिल होती नजर आईं। यह प्रदर्शन कथित NEET-UG परीक्षा अनियमितताओं और पेपर लीक के मुद्दे पर आयोजित किया गया था, जिसमें प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग की।

दिबीसा महंता के प्रदर्शन में शामिल होने की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए। प्रदर्शन के दौरान वह छात्रों के साथ हाथों में तख्तियां लेकर नारे लगाती दिखाई दीं। उनके इस कदम ने राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा छेड़ दी, क्योंकि उनके पिता असम सरकार में वरिष्ठ मंत्री हैं और सत्तारूढ़ गठबंधन का हिस्सा हैं।

छात्रों के साथ उठाई जवाबदेही की मांग

गुवाहाटी के चाचल क्षेत्र में आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार आवश्यक हैं। छात्रों ने परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

दिबीसा महंता भी छात्रों के बीच मौजूद रहीं और उन्होंने परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता तथा जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग का समर्थन किया। उनके प्रदर्शन में शामिल होने से यह मुद्दा और अधिक सुर्खियों में आ गया।

राजनीतिक पृष्ठभूमि बनी चर्चा का विषय

केशब महंता असम सरकार में राजस्व मंत्री हैं और राज्य की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय हैं। वे असम गण परिषद (AGP) के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं। AGP, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले गठबंधन का सहयोगी दल है और राज्य सरकार का हिस्सा है।

ऐसे में मंत्री की बेटी का केंद्र सरकार से जुड़े मुद्दे पर छात्रों के प्रदर्शन में शामिल होना राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, दिबीसा महंता की ओर से इस मामले पर कोई विस्तृत सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया।

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की प्रतिक्रिया

इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि सरकार छात्रों के शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के अधिकार का सम्मान करती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्रों की मांगों और उनके तर्कों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं और परीक्षा से जुड़े मुद्दों पर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

हालांकि, मुख्यमंत्री ने यह भी याद दिलाया कि इस समय असम भीषण बाढ़ की स्थिति से जूझ रहा है। उन्होंने सभी लोगों से अपील की कि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोगों की सहायता और राहत कार्यों पर भी समान रूप से ध्यान दिया जाए।

शांतिपूर्ण रहा प्रदर्शन

प्रशासन के अनुसार, प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा। कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस बल तैनात किया गया था और किसी भी तरह की अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। छात्र संगठनों ने कहा कि उनका उद्देश्य शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग सरकार तक पहुंचाना है।

परीक्षा सुधार पर जारी है बहस

देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता और पारदर्शिता को लेकर लगातार बहस चल रही है। विभिन्न छात्र संगठन परीक्षा प्रणाली को और मजबूत बनाने, तकनीकी सुरक्षा बढ़ाने तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता पर त्वरित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

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