जम्मू-कश्मीर में हाल ही में हुए आतंकी हमलों के बाद राज्य का दर्जा (Statehood) बहाल करने की मांग एक बार फिर राजनीतिक बहस का केंद्र बन गई है। नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के अध्यक्ष Farooq Abdullah ने कहा कि अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद भी यदि आतंकवाद पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है, तो इस पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है। उन्होंने केंद्र सरकार से जम्मू-कश्मीर को दोबारा राज्य का दर्जा देने की मांग दोहराई।
हालांकि, उनके इस बयान पर Mehbooba Mufti की पार्टी People’s Democratic Party (PDP) ने कड़ी प्रतिक्रिया दी और आतंकी घटनाओं को राज्य के दर्जे की मांग से जोड़ने को अनुचित बताया।
फारूक अब्दुल्ला ने क्या कहा?
हाल के आतंकी हमलों के बाद मीडिया से बातचीत में फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि यदि यह दावा किया जा रहा है कि जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद समाप्त हो चुका है, तो फिर हाल में हुई हिंसक घटनाओं के जिम्मेदार कौन हैं?
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि सुरक्षा व्यवस्था और आतंकवाद की स्थिति पर स्पष्ट जवाब मिलना चाहिए। साथ ही उन्होंने दोहराया कि जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल किया जाना चाहिए।
अनुच्छेद 370 हटाने का भी किया जिक्र
फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि वर्ष 2019 में अनुच्छेद 370 हटाने के समय यह तर्क दिया गया था कि इससे क्षेत्र में शांति और विकास को बढ़ावा मिलेगा। लेकिन हाल की घटनाओं के बाद उन्होंने कहा कि सुरक्षा चुनौतियां अभी भी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई हैं।
उनका कहना था कि जम्मू-कश्मीर की जनता लंबे समय से राज्य का दर्जा बहाल किए जाने की मांग कर रही है और इस दिशा में केंद्र सरकार को सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए।
PDP ने जताई आपत्ति
फारूक अब्दुल्ला के बयान पर PDP ने असहमति जताई। पार्टी नेता और महबूबा मुफ्ती की बेटी Iltija Mufti ने कहा कि आतंकी घटनाओं जैसे संवेदनशील मुद्दों का इस्तेमाल राजनीतिक मांगों के समर्थन में नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि निर्दोष लोगों की हत्या जैसी दुखद घटनाओं को राजनीतिक बहस का हिस्सा बनाना उचित नहीं है। उनके अनुसार, ऐसे समय में सभी दलों को एकजुट होकर आतंकवाद की निंदा करनी चाहिए।
हाल के आतंकी हमलों के बाद बढ़ी सुरक्षा
दक्षिण कश्मीर में हाल में हुए दो आतंकी हमलों के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया है। कई स्थानों पर जांच अभियान चलाए गए हैं और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए अतिरिक्त बल भी तैनात किए गए हैं।
पहले भी उठा चुका है राज्य का मुद्दा
यह पहली बार नहीं है जब फारूक अब्दुल्ला ने राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग उठाई है। इससे पहले भी उन्होंने कई सार्वजनिक मंचों पर कहा है कि जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा वापस मिलना चाहिए।
वहीं, इससे पहले पहलगाम आतंकी हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने कहा था कि किसी भी आतंकी घटना का इस्तेमाल राज्य का दर्जा मांगने के लिए नहीं किया जाना चाहिए।
राजनीतिक बहस तेज
फारूक अब्दुल्ला के हालिया बयान के बाद जम्मू-कश्मीर की राजनीति में राज्य का दर्जा, सुरक्षा व्यवस्था और आतंकवाद जैसे मुद्दों पर चर्चा तेज हो गई है। विभिन्न राजनीतिक दल इस विषय पर अलग-अलग राय रख रहे हैं, जबकि केंद्र सरकार की ओर से राज्य का दर्जा बहाल करने के मुद्दे पर पहले भी संवैधानिक प्रक्रिया के तहत निर्णय लेने की बात कही जा चुकी है।








