बदरीनाथ मंदिर दान चोरी मामले में सुरक्षा गार्ड गिरफ्तार, CCTV में दिखी संदिग्ध हरकत; नकदी और जेवर बरामद बेंगलुरु के लग्जरी होटलों में खाद्य सुरक्षा की जांच से हड़कंप, एक्सपायर्ड दूध और सड़े खाद्य पदार्थ मिले राहुल गांधी के ‘Women Power’ वीडियो पर किरेन रिजिजू का तंज, बोले- ‘क्या कांग्रेस का बदल गया है रुख?’ NEET-UG 2026 पेपर लीक: CBI चार्जशीट में बड़े खुलासे, CCTV निगरानी की कमी और सुरक्षा खामियों से लीक हुआ प्रश्नपत्र राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर पीएम मोदी ने बुनकरों को किया नमन, कहा- ‘हैंडलूम अपनाएं, आत्मनिर्भर भारत को मजबूत बनाएं’ मेकेदातु बांध पर तमिलनाडु विधानसभा में तीखी बहस, मुख्यमंत्री विजय और उदयनिधि स्टालिन आमने-सामने

बदरीनाथ मंदिर दान चोरी मामले में सुरक्षा गार्ड गिरफ्तार, CCTV में दिखी संदिग्ध हरकत; नकदी और जेवर बरामद

उत्तराखंड के प्रसिद्ध श्री बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावे और दान की सामग्री चोरी होने के मामले में पुलिस की जांच आगे बढ़ी है। मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान मनोज कुमार के रूप में हुई है, जो जोशीमठ में जेपी पावर वेंचर्स लिमिटेड की लैम बगड़ जलविद्युत परियोजना के बैराज में सुरक्षा गार्ड के तौर पर तैनात था।

पुलिस के मुताबिक CCTV फुटेज की विस्तृत जांच के दौरान मनोज कुमार की मंदिर के थाली भेंट काउंटिंग रूम में संदिग्ध गतिविधियां सामने आईं। आरोप है कि वह वहां रखी दान सामग्री में से कुछ सामान उठाकर अपनी जेब में रखता दिखाई दिया।

जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी से पूछताछ की और CCTV फुटेज भी दिखाए। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान उसने चोरी की बात स्वीकार की और माफी मांगी।

VIP दर्शन के लिए मंदिर भेजे जाने का भी दावा

पुलिस की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक मनोज कुमार जेपी पावर वेंचर्स लिमिटेड की लैम बगड़ परियोजना में सुरक्षा गार्ड के तौर पर काम करता था।

बताया गया है कि परियोजना के अधिकारियों की ओर से उसे समय-समय पर श्री बदरीनाथ मंदिर भेजा जाता था। उसका काम परियोजना के वरिष्ठ अधिकारियों के मेहमानों और रिश्तेदारों के लिए VIP दर्शन की व्यवस्था में सहयोग करना बताया गया है।

इसी दौरान उसके मंदिर परिसर के कुछ हिस्सों तक पहुंच होने की बात सामने आई है। पुलिस के अनुसार CCTV फुटेज में उसकी गतिविधियां जांच के दायरे में आईं।

CCTV फुटेज से सामने आया मामला

दान चोरी की शिकायत के बाद पुलिस और SIT मामले की जांच कर रही है। जांच के दौरान 6 अगस्त को टीम ने 25 जून और 29 जून की CCTV रिकॉर्डिंग को बारीकी से खंगाला।

पुलिस के मुताबिक फुटेज में एक व्यक्ति बार-बार दान सामग्री के पास जाता हुआ दिखाई दिया। आरोप है कि वह वहां से कुछ वस्तुएं उठाकर अपनी जेब में रख रहा था।

जब SIT ने मंदिर समिति के कर्मचारियों से इस व्यक्ति के बारे में जानकारी ली तो उसकी पहचान मनोज कुमार के रूप में हुई।

इसके बाद पुलिस ने उसके मंदिर आने-जाने और वहां मौजूद रहने से संबंधित जानकारी जुटाई। जांच में सामने आए CCTV फुटेज को मामले में अहम साक्ष्य माना गया।

मंदिर कर्मचारियों से भी पूछताछ

इस मामले में जांच टीम पहले ही मंदिर समिति से जुड़े दो कर्मचारियों को गिरफ्तार कर चुकी है। दोनों को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की जानकारी पुलिस ने दी है।

SIT अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मंदिर में चढ़ावे और दान की सामग्री से जुड़ी कथित चोरी की घटनाओं में कितने लोग शामिल हो सकते हैं और क्या आरोपियों के बीच किसी तरह का आपसी संपर्क था।

मनोज कुमार की भूमिका सामने आने के बाद जांच का दायरा भी बढ़ गया है।

BNS की धारा 305 जोड़ी गई

पुलिस के अनुसार CCTV फुटेज के आधार पर SIT को मनोज कुमार की कथित संलिप्तता के संबंध में पर्याप्त आधार मिला। इसके बाद 6 अगस्त को मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 305 जोड़ी गई।

इसके बाद SIT ने आरोपी को पूछताछ के लिए पुलिस स्टेशन बुलाया।

7 अगस्त को मनोज कुमार से पूछताछ की गई और उसे 25 जून तथा 29 जून को रिकॉर्ड किए गए CCTV फुटेज दिखाए गए।

पूछताछ में चोरी स्वीकार करने का दावा

पुलिस के अनुसार पूछताछ के दौरान मनोज कुमार ने CCTV फुटेज देखने के बाद चोरी में शामिल होने की बात स्वीकार की। पुलिस ने बताया कि आरोपी ने अपनी गलती के लिए माफी भी मांगी।

हालांकि, मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और जांच जारी है। पुलिस अन्य संभावित आरोपियों और चोरी की गई सामग्री के संबंध में भी जानकारी जुटा रही है।

नकदी और जेवरात बरामद होने की जानकारी

पुलिस की कार्रवाई के दौरान मामले से जुड़े नकदी और आभूषण समेत अन्य सामग्री बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है। जांच एजेंसी बरामद सामान का सत्यापन कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इनमें से कौन-कौन सी वस्तुएं मंदिर से संबंधित दान या चढ़ावे की हैं।

बरामदगी और CCTV फुटेज को जांच में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

पहले भी हो चुकी हैं गिरफ्तारियां

बदरीनाथ मंदिर में दान और चढ़ावे की सामग्री से कथित चोरी के इस मामले में SIT लगातार जांच कर रही है। इससे पहले मंदिर समिति से जुड़े दो कर्मचारियों को भी गिरफ्तार किया जा चुका है।

दोनों आरोपियों को अदालत के समक्ष पेश किए जाने के बाद न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। अब सुरक्षा गार्ड की गिरफ्तारी के बाद SIT यह पता लगाने में जुटी है कि कथित चोरी का नेटवर्क कितना बड़ा था और इसमें अन्य लोगों की भूमिका थी या नहीं।

VIP व्यवस्था से जुड़ी भूमिका भी जांच के घेरे में

मनोज कुमार का मंदिर में VIP दर्शन से जुड़ी व्यवस्थाओं में सहयोग करना भी जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस भूमिका के कारण उसे मंदिर परिसर में किन-किन स्थानों तक पहुंच मिलती थी।

जांच एजेंसी CCTV फुटेज के अलावा मंदिर में उसकी आवाजाही, ड्यूटी और संबंधित कर्मचारियों से उसके संपर्क की भी पड़ताल कर सकती है।

SIT की जांच जारी

बदरीनाथ मंदिर देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है और यहां श्रद्धालुओं की ओर से बड़ी मात्रा में दान और चढ़ावा दिया जाता है। ऐसे में दान सामग्री की सुरक्षा को लेकर सामने आया यह मामला गंभीर माना जा रहा है।

फिलहाल SIT CCTV फुटेज, आरोपियों से पूछताछ और बरामद सामग्री के आधार पर पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। पुलिस का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और तथ्य सामने आ सकते हैं।

Leave a Comment

और पढ़ें

🔮 आज का राशिफल