केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता जेपी नड्डा को अचानक असहज महसूस होने के बाद दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में भर्ती कराया गया है। अस्पताल की ओर से शुक्रवार को जारी जानकारी के मुताबिक, नड्डा की स्थिति फिलहाल स्थिर है और उन्हें कार्डियोलॉजी विभाग में डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है।
असहज महसूस होने के बाद AIIMS पहुंचे नड्डा
जानकारी के अनुसार, जेपी नड्डा को गुरुवार को अचानक बेचैनी और असहजता महसूस हुई। इसके बाद उन्हें चिकित्सकीय जांच के लिए AIIMS दिल्ली लाया गया। डॉक्टरों ने प्रारंभिक मूल्यांकन के बाद उनकी कई आवश्यक जांचें कीं।
AIIMS की ओर से जारी बयान में बताया गया कि नड्डा का 13 अगस्त 2026 की शाम कोरोनरी एंजियोग्राफी समेत कई चिकित्सकीय परीक्षण किए गए। एंजियोग्राफी के जरिए हृदय की रक्त वाहिकाओं की स्थिति और उनमें किसी तरह की रुकावट या अन्य समस्या का पता लगाया जाता है।
कार्डियोलॉजी विभाग में रखे गए
अस्पताल के मुताबिक, जांच के बाद जेपी नड्डा की हालत स्थिर है। फिलहाल उन्हें AIIMS के कार्डियोलॉजी विभाग में ऑब्जर्वेशन के लिए भर्ती रखा गया है। डॉक्टर उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
अस्पताल ने स्पष्ट किया है कि नड्डा की मौजूदा स्थिति स्थिर है। उनकी आगे की चिकित्सा और निगरानी डॉक्टरों की सलाह के अनुसार जारी रहेगी।
स्वास्थ्य मंत्री की सेहत पर नजर
जेपी नड्डा केंद्र सरकार में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री हैं और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में भी जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। ऐसे में उनके अस्पताल में भर्ती होने की खबर के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में उनके स्वास्थ्य को लेकर चर्चा शुरू हो गई।
हालांकि, AIIMS की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी में फिलहाल किसी गंभीर स्वास्थ्य जटिलता की पुष्टि नहीं की गई है। अस्पताल ने बताया है कि उन्हें निगरानी में रखा गया है और उनकी स्थिति स्थिर बनी हुई है।
क्या होती है कोरोनरी एंजियोग्राफी?
कोरोनरी एंजियोग्राफी हृदय की रक्त वाहिकाओं की जांच करने वाली एक चिकित्सा प्रक्रिया है। इसका इस्तेमाल कोरोनरी आर्टरीज में किसी तरह की संकीर्णता या ब्लॉकेज का पता लगाने के लिए किया जाता है। डॉक्टर मरीज की स्थिति और जांच के परिणामों के आधार पर आगे के उपचार का निर्णय लेते हैं।
फिलहाल जेपी नड्डा AIIMS दिल्ली के कार्डियोलॉजी विभाग में डॉक्टरों की निगरानी में हैं। अस्पताल की ओर से उपलब्ध जानकारी के अनुसार उनकी हालत स्थिर है।








