IPS नूपुर प्रसाद को राष्ट्रपति पुलिस पदक, सुशांत सिंह राजपूत केस की CBI जांच का किया था नेतृत्व Vijay का पहला स्वतंत्रता दिवस भाषण: Gen Z को ‘Vanakkam’, भ्रष्टाचार पर वार और केंद्र को दिया बड़ा संदेश AI ट्रेनिंग से फ्री कोचिंग तक, PM मोदी के 6 बड़े ऐलान; युवाओं के लिए क्या बदलेगा? करूर भगदड़ पीड़ित परिवारों को बड़ी राहत, सुप्रीम कोर्ट ने विजय सरकार की नौकरी देने वाली योजना पर लगाई रोक हटाई जयपुर में स्कूल कैंटीन की पैटी खाने के बाद 12वीं के छात्र की मौत, स्कूल संचालक और एडमिनिस्ट्रेटर हिरासत में जेपी नड्डा की तबीयत बिगड़ी, AIIMS दिल्ली में भर्ती; हुई कोरोनरी एंजियोग्राफी, डॉक्टरों की निगरानी में स्वास्थ्य मंत्री

Vijay का पहला स्वतंत्रता दिवस भाषण: Gen Z को ‘Vanakkam’, भ्रष्टाचार पर वार और केंद्र को दिया बड़ा संदेश

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) प्रमुख सी. जोसेफ विजय ने मुख्यमंत्री बनने के बाद शनिवार को अपना पहला स्वतंत्रता दिवस संबोधन दिया। चेन्नई के ऐतिहासिक फोर्ट सेंट जॉर्ज परिसर में आयोजित कार्यक्रम में विजय ने तिरंगा फहराया और अपने संबोधन में युवाओं, सुशासन, भ्रष्टाचार, राज्य के अधिकार और कल्याणकारी योजनाओं को लेकर सरकार की प्राथमिकताएं सामने रखीं।

अपने भाषण की शुरुआत में विजय ने खास तौर पर Gen Z का जिक्र किया। उन्होंने तमिलनाडु और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले तमिल लोगों के साथ Gen Z युवाओं को भी संबोधित करते हुए कहा, “Vanakkam Gen Z.” मुख्यमंत्री के इस अंदाज ने उनके भाषण को युवाओं से जोड़ने वाला संदेश दिया।

Gen Z को खास संदेश, युवाओं पर फोकस

विजय ने अपने पहले स्वतंत्रता दिवस भाषण में नई पीढ़ी को सीधे संबोधित किया। राजनीतिक रूप से यह इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि विजय की राजनीति में युवा मतदाताओं और उनके समर्थकों की बड़ी भूमिका रही है।

विजय लंबे समय से अपने प्रशंसक समूहों और बाद में सामाजिक गतिविधियों के जरिए युवाओं के बीच सक्रिय रहे हैं। उनके राजनीतिक सफर की शुरुआत प्रशंसक संगठन से हुई थी, जो बाद में सामाजिक और कल्याणकारी गतिविधियों में भी शामिल हुआ।

केंद्र के साथ सहयोग, लेकिन राज्य के अधिकारों पर समझौता नहीं

मुख्यमंत्री विजय ने अपने संबोधन में केंद्र सरकार के साथ प्रशासनिक और विकास संबंधी मामलों में सहयोग का संकेत दिया। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि तमिलनाडु के अधिकारों के खिलाफ जाने वाली नीतियों का उनकी सरकार विरोध करती रहेगी।

उनका यह बयान केंद्र और राज्य के बीच संबंधों को लेकर उनकी सरकार के रुख को सामने रखता है। हाल के महीनों में विजय सरकार ने केंद्र के साथ व्यावहारिक प्रशासनिक सहयोग बनाए रखने की कोशिश की है, जबकि राज्य से जुड़े अधिकारों और नीतिगत मुद्दों पर अपना अलग रुख भी बरकरार रखा है।

‘भ्रष्टाचार खत्म करना भी आजादी है’

विजय ने अपने भाषण में भ्रष्टाचार को लेकर भी सख्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार को खत्म करना भी आजादी के अर्थ का हिस्सा है।

मुख्यमंत्री के मुताबिक उनकी सरकार सरकारी राजस्व को निजी लोगों तक पहुंचने से रोकने और सभी विभागों में भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है। उन्होंने अपने प्रशासन को पारदर्शी और बेहतर सुशासन देने वाली सरकार के रूप में पेश किया।

यह मुद्दा विजय सरकार के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि उन्होंने सत्ता संभालने के बाद प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर देने की बात कही है।

विरोधियों को भी दिया राजनीतिक संदेश

अपने भाषण में विजय ने किसी राजनीतिक दल या नेता का नाम लिए बिना सरकार के खिलाफ काम करने वाली ताकतों पर भी निशाना साधा। उन्होंने संकेत दिया कि उनकी सरकार के खिलाफ होने वाली साजिशों और राजनीतिक चुनौतियों का मुकाबला किया जाएगा।

विजय की सरकार के सत्ता में आने के बाद तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। 2026 में TVK के सत्ता में आने के साथ विजय राज्य के मुख्यमंत्री बने और तमिलनाडु की पारंपरिक द्रविड़ राजनीति के बीच एक नई राजनीतिक ताकत के रूप में उभरे।

पिछली सरकारों की अच्छी योजनाएं जारी रहेंगी

मुख्यमंत्री विजय ने अपने भाषण में एक महत्वपूर्ण बात यह कही कि उनकी सरकार पिछली सरकारों की उन कल्याणकारी योजनाओं को जारी रखेगी, जिनसे जनता को फायदा हो रहा है।

उन्होंने उदाहरण के तौर पर अम्मा उनवगम (Amma Canteens) और स्कूली बच्चों के लिए नाश्ता योजना का उल्लेख किया। उनका कहना था कि सरकार केवल इसलिए किसी योजना को बंद नहीं करेगी क्योंकि उसे पिछली सरकार ने शुरू किया था।

यह संदेश तमिलनाडु की राजनीति में खास महत्व रखता है, जहां अलग-अलग सरकारों की कल्याणकारी योजनाएं लंबे समय से राजनीतिक बहस का हिस्सा रही हैं।

नाश्ता योजना में भी बड़ा बदलाव

विजय सरकार ने हाल में पूर्व मुख्यमंत्री के. कामराज के सम्मान में मुख्यमंत्री नाश्ता योजना का नाम बदलकर पेरुंथलैवर कामराजर ब्रेकफास्ट स्कीम किया है। इसके साथ ही योजना का विस्तार कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए करने की घोषणा की गई है। रिपोर्टों के मुताबिक विस्तार से करीब 15.14 लाख अतिरिक्त विद्यार्थियों को लाभ मिलने की उम्मीद है और कुल लाभार्थियों की संख्या करीब 35 लाख हो सकती है।

योजना के विस्तार के लिए सरकार ने अतिरिक्त बजट को भी मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य स्कूली बच्चों को पौष्टिक नाश्ता उपलब्ध कराने के साथ उनकी पढ़ाई और स्कूल में नियमित उपस्थिति को प्रोत्साहित करना है।

अम्मा कैंटीन को लेकर भी सरकार का रुख

तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता की अम्मा उनवगम योजना को भी विजय सरकार ने जारी रखने का संकेत दिया है। यह योजना लोगों को कम कीमत पर भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई थी और राज्य की चर्चित कल्याणकारी योजनाओं में शामिल है।

विजय का यह रुख बताता है कि उनकी सरकार पिछली सरकारों की लोकप्रिय योजनाओं को राजनीतिक विरासत के बजाय जनता के कल्याण के नजरिए से देखना चाहती है।

पहली स्वतंत्रता दिवस स्पीच क्यों रही खास?

मुख्यमंत्री बनने के बाद विजय का यह पहला स्वतंत्रता दिवस संबोधन कई मायनों में महत्वपूर्ण रहा। एक तरफ उन्होंने Gen Z और युवाओं को सीधे जोड़ने की कोशिश की, तो दूसरी तरफ भ्रष्टाचार, सुशासन और कल्याणकारी योजनाओं को लेकर अपनी सरकार की प्राथमिकताएं बताईं।

वहीं केंद्र के साथ सहयोग और राज्य के अधिकारों की रक्षा, दोनों को साथ रखने का संदेश देकर विजय ने अपनी सरकार की राजनीतिक दिशा भी स्पष्ट करने की कोशिश की।

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