वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को स्पष्ट चेतावनी दी है कि वह 10 से 15 दिनों के भीतर परमाणु समझौता (न्यूक्लियर डील) करने का निर्णय ले, नहीं तो “बुरी चीज़ें” हो सकती हैं। ट्रंप ने यह बयान ऐसे समय में दिया है जब दक्षिणी एशिया-मध्य पूर्व क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ताकत काफी बढ़ाई जा रही है।
ट्रम्प ने कहा कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत “अच्छी दिशा में” तो है, लेकिन तेहरान को एक “सार्थक” समझौता करना होगा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यदि वार्ता सफल नहीं होती, तो अमेरिका को “अगला कदम” उठाना पड़ सकता है, जिसमें सीमित या विस्तृत सैन्य कार्रवाई शामिल है।
तैयारियों के तहत अमेरिका ने मध्य पूर्व में दो एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप्स, लड़ाकू विमान, बमवर्षक और कई युद्धपोत तैनात कर दिए हैं, जिससे क्षेत्र में तनाव की स्थिति और बढ़ गई है।
ईरान सरकार ने कहा है कि वह युद्ध नहीं चाहता, लेकिन अगर उस पर सैन्य हमला किया गया तो वह “निर्णायक और अनुपातिक” तरीके से जवाब देगा। उसके अनुसार, किसी भी अमेरिकी या सहयोगी ठिकानों को वैध लक्ष्य माना जाएगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर डील 15 दिनों में नहीं होती, तो स्थिति और नाजुक हो सकती है, जिससे मध्य पूर्व में तेल की कीमतें और सुरक्षा संबंधी तनाव बढ़ सकते हैं।
ट्रम्प की चेतावनी के चलते विश्व स्तर पर कूटनीतिक दबाव, तेल बाजार में उछाल और क्षेत्रीय सैन्य तैयारियाँ तेज हो गई हैं।









