दिल्ली के मालवीय नगर में भीषण अग्निकांड: 21 लोगों की मौत, 18 विदेशी नागरिक शामिल; होटल मालिक हिरासत में

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नई दिल्ली। दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर स्थित हौज रानी क्षेत्र में एक होटल-सह-गेस्ट हाउस में लगी भीषण आग ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 21 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए हैं। मृतकों में 18 विदेशी नागरिकों के शामिल होने की जानकारी सामने आई है, जिससे यह घटना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बन गई है।

अधिकारियों के अनुसार आग बहुमंजिला भवन में देर रात लगी और देखते ही देखते पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। आग के दौरान होटल में ठहरे कई लोग कमरों में फंस गए। दमकल विभाग की कई गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक भारी जनहानि हो चुकी थी।

घटना के बाद पुलिस ने भवन के मालिक लवकेश बजाज को हिरासत में ले लिया है। पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं। सूत्रों के मुताबिक, आग लगने के समय बजाज घटनास्थल के पास ही था और उसने इमारत को जलते हुए देखा था। हालांकि उसने लोगों की मदद करने या राहत कार्य में शामिल होने के बजाय वहां से चले जाने का फैसला किया। प्रारंभिक पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह भय के कारण घटनास्थल से दूर चला गया था।

जांच में यह भी सामने आया है कि भवन का उपयोग नियमों के विपरीत तरीके से किया जा रहा था। जानकारी के अनुसार, यह भवन पहले एक व्यावसायिक प्रतिष्ठान के रूप में इस्तेमाल होता था। बाद में इसे होटल और गेस्ट हाउस में परिवर्तित कर दिया गया। मालिक के पास बेड एंड ब्रेकफास्ट (B&B) योजना के तहत लाइसेंस था, जिसमें अधिकतम छह कमरों के संचालन की अनुमति होती है। लेकिन जांच एजेंसियों को संदेह है कि परिसर में लगभग 25 कमरे संचालित किए जा रहे थे, जिनमें कुछ बेसमेंट में भी बनाए गए थे।

प्रारंभिक जांच में सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी के संकेत मिले हैं। अधिकारियों के अनुसार, इमारत में केवल एक ही प्रवेश और निकास मार्ग था। आग लगने के बाद लोगों के लिए बाहर निकलना बेहद कठिन हो गया। कई खिड़कियां स्थायी रूप से बंद थीं, जिससे धुआं तेजी से कमरों में भर गया। इसके अलावा मुख्य द्वार सेंसर आधारित होने की वजह से आपात स्थिति में निकासी प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।

दमकल विभाग और पुलिस की संयुक्त जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि भवन में अग्निशमन उपकरण, आपातकालीन निकास मार्ग और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप थीं या नहीं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सुरक्षा नियमों का पालन किया गया होता तो इतनी बड़ी संख्या में लोगों की जान बचाई जा सकती थी।

विदेशी नागरिकों की बड़ी संख्या में मौत होने के कारण संबंधित दूतावासों को भी सूचना दे दी गई है। प्रशासन मृतकों की पहचान और उनके परिजनों को जानकारी उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में जुटा हुआ है।

फिलहाल पुलिस विभिन्न पहलुओं से मामले की जांच कर रही है और भवन मालिक सहित अन्य जिम्मेदार लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। यह हादसा राजधानी में संचालित होटलों, गेस्ट हाउसों और बेड एंड ब्रेकफास्ट इकाइयों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोकने के लिए नियमित निरीक्षण, सख्त निगरानी और सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है।

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