महाराष्ट्र के ठाणे जिले में एक राजनीतिक परिवार से जुड़ा घरेलू विवाद अब कानूनी जांच का विषय बन गया है। एक पूर्व सांसद, उनकी पत्नी, बेटे और दो अन्य लोगों के खिलाफ बहू की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है। शिकायत में मानसिक प्रताड़ना, घरेलू हिंसा और कथित अंधविश्वास से जुड़ी गतिविधियों के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
क्या हैं आरोप?
शिकायतकर्ता महिला ने आरोप लगाया है कि शादी के बाद से उसे कई वर्षों तक मानसिक और भावनात्मक रूप से प्रताड़ित किया गया। उसने यह भी दावा किया कि परिवार के कुछ सदस्यों ने अंधविश्वास से जुड़े कथित अनुष्ठानों के नाम पर उसके साथ अनुचित व्यवहार किया।
महिला का आरोप है कि उसे कथित तौर पर गोमूत्र पीने के लिए मजबूर किया गया और उसके बाल भी अंधविश्वास से जुड़ी कथित प्रक्रियाओं के लिए लिए गए।
इसके अलावा उसने परिवार पर घरेलू हिंसा, अपमानजनक व्यवहार और कई बार भोजन तक नहीं देने जैसे आरोप भी लगाए हैं।
पति पर भी लगाए गंभीर आरोप
महिला ने अपने पति पर भी कई गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत के अनुसार, वैवाहिक जीवन की शुरुआत से ही दोनों के बीच संबंध सामान्य नहीं रहे। महिला का कहना है कि कई बार बातचीत के दौरान उसके साथ अपमानजनक व्यवहार किया गया और उसे मानसिक तनाव का सामना करना पड़ा।
उसने यह भी आरोप लगाया कि विदेश यात्रा के दौरान भी उसके साथ कथित रूप से मारपीट की गई और डराने-धमकाने की कोशिश की गई।
पूर्व सांसद और परिवार के खिलाफ केस
पुलिस ने शिकायत के आधार पर पूर्व सांसद, उनकी पत्नी और उनके पार्षद बेटे सहित परिवार के अन्य सदस्यों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। दो ऐसे व्यक्तियों को भी मामले में नामजद किया गया है जिन पर कथित रूप से अंधविश्वास से जुड़े अनुष्ठानों में शामिल होने का आरोप है।
मामला महाराष्ट्र में लागू अंधश्रद्धा विरोधी कानून और अन्य संबंधित धाराओं के तहत दर्ज किया गया है।
पुलिस कर रही है जांच
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिकायत मिलने के बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। अब सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाएगी और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अभी तक आरोपित पक्ष की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
जांच पूरी होने के बाद होगी स्थिति स्पष्ट
यह मामला फिलहाल जांच के चरण में है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की सत्यता की पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि सभी पक्षों के बयान और उपलब्ध सबूतों की जांच के बाद ही मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।







