पतंजलि के ‘वेलनेस’ पर दुनिया में बढ़ रहा वैश्विक भरोसा, 1.38 करोड़ मरीजों का हुआ उपचार; 88 देशों के हजारों विदेशी मरीज भी शामिल उत्तराखंड में ‘शुद्धिकरण’ विवाद पर राहुल गांधी के खिलाफ FIR, जातिगत टिप्पणी के आरोप में पुलिस कार्रवाई ग्रैंड कैन्यन में अचानक आई बाढ़ ने मचाई भारी तबाही, 20 से ज्यादा लोग लापता; 62 लोगों को सुरक्षित निकाला गया ग्रेटर नोएडा में स्लीपर बस के अंदर 16 वर्षीय किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म का आरोप, ड्राइवर-कंडक्टर गिरफ्तार नेपाल फ्लैश फ्लड से पहले हिमालय में ग्लेशियर का हिस्सा खिसका? 100 किमी तक पहुंचा तबाही का बहाव Toxic Box Office Collection Day 4: यश की फिल्म ने पार किया ₹250 करोड़ का आंकड़ा, चौथे दिन कम हुई कमाई

उत्तराखंड में ‘शुद्धिकरण’ विवाद पर राहुल गांधी के खिलाफ FIR, जातिगत टिप्पणी के आरोप में पुलिस कार्रवाई

उत्तराखंड के हल्द्वानी में ‘शुद्धिकरण’ को लेकर चल रहा राजनीतिक विवाद अब कानूनी कार्रवाई तक पहुंच गया है। पुलिस ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज की है। यह मामला एक वाल्मीकि समुदाय से जुड़े व्यक्ति की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि राहुल गांधी ने हल्द्वानी में हुए एक धार्मिक अनुष्ठान को जातिगत भेदभाव और दलित विरोध से जोड़कर पेश किया, जिससे समुदाय की भावनाएं आहत हुईं।

पुलिस के मुताबिक, मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की उन धाराओं को शामिल किया गया है, जो अलग-अलग समूहों के बीच वैमनस्य बढ़ाने और जानबूझकर धार्मिक भावनाओं को आहत करने से संबंधित हैं। इसके अलावा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की धाराएं भी लगाई गई हैं।

किसकी शिकायत पर दर्ज हुई FIR?

पुलिस के अनुसार, हल्द्वानी के जवाहर नगर निवासी अमित कुमार ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता ने खुद को अनुसूचित जाति समुदाय से संबंधित बताते हुए कहा कि वह 11 अगस्त को रामलीला मैदान में हुए कथित धार्मिक अनुष्ठान और सफाई अभियान के दौरान मौजूद था।

अमित कुमार का आरोप है कि 29 अगस्त को नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने इस घटना को जिस तरह से पेश किया, उससे उनके समुदाय की भावनाएं आहत हुईं।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि राहुल गांधी ने अनुष्ठान में शामिल लोगों को कथित तौर पर ‘छुआछूत’ की मानसिकता रखने वाला और ‘दलित विरोधी’ बताने का प्रयास किया।

क्या है पूरा ‘शुद्धिकरण’ विवाद?

यह विवाद हल्द्वानी के रामलीला मैदान से जुड़ा है। यहां कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने 8 अगस्त को एक सार्वजनिक कार्यक्रम किया था। इसके कुछ दिन बाद, 11 अगस्त को कुछ लोगों द्वारा उसी स्थान पर कथित तौर पर ‘शुद्धिकरण यज्ञ’ किए जाने की खबर सामने आई।

इस घटना के बाद कांग्रेस और बीजेपी के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गया।

कांग्रेस ने इस कार्रवाई को दलित विरोधी मानसिकता का उदाहरण बताते हुए इसकी आलोचना की। वहीं बीजेपी की ओर से इसका बचाव किया गया। बीजेपी नेताओं का दावा था कि कांग्रेस के कार्यक्रम के बाद मैदान में कचरा और गंदगी रह गई थी तथा धार्मिक स्थल पर कथित तौर पर आपत्तिजनक नारे लगाए गए थे। इसी वजह से वहां धार्मिक अनुष्ठान किया गया।

शिकायतकर्ता ने क्या कहा?

अमित कुमार ने अपनी शिकायत में दावा किया कि कथित शुद्धिकरण अनुष्ठान में समाज के अलग-अलग वर्गों के लोग शामिल थे और इसमें अनुसूचित जाति के लोग भी मौजूद थे।

उन्होंने आरोप लगाया कि इस अनुष्ठान को मल्लिकार्जुन खरगे की जाति से जोड़ना उचित नहीं है और कार्यक्रम का खरगे की जाति से कोई संबंध नहीं था।

शिकायतकर्ता का कहना है कि राहुल गांधी की टिप्पणी ने इस पूरी घटना को अलग जातिगत रंग दे दिया, जिससे समुदाय के लोगों की भावनाएं प्रभावित हुईं।

राहुल गांधी ने दिल्ली में उठाया था FIR का मुद्दा

29 अगस्त को नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने हल्द्वानी में हुए कथित ‘शुद्धिकरण’ की आलोचना की थी। उन्होंने इस घटना को लेकर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ FIR दर्ज करने और SC/ST Act के तहत कार्रवाई की मांग की थी।

राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि इस तरह की कार्रवाई दलित समुदाय के प्रति अपमानजनक मानसिकता को दर्शाती है।

इसके बाद कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कथित शुद्धिकरण की घटना को शर्मनाक मानसिकता का उदाहरण बताते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की और इसे SC/ST Act के उल्लंघन से जोड़ा।

अब आगे क्या होगा?

राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज होने के बाद पुलिस मामले में शिकायत में लगाए गए आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच करेगी। पुलिस धार्मिक कार्यक्रम, कथित शुद्धिकरण की घटना और राहुल गांधी द्वारा दिए गए बयान से जुड़े तथ्यों को भी जांच का हिस्सा बना सकती है।

फिलहाल यह मामला राजनीतिक विवाद के साथ-साथ कानूनी जांच का विषय बन गया है। एक ओर शिकायतकर्ता ने राहुल गांधी की टिप्पणियों को जातिगत और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला बताया है, जबकि कांग्रेस पहले से ही हल्द्वानी की कथित ‘शुद्धिकरण’ कार्रवाई को दलित विरोधी मानसिकता का प्रतीक बता रही है।

मामले की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर आगे क्या कानूनी कार्रवाई होती है।

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