पतंजलि के ‘वेलनेस’ पर दुनिया में बढ़ रहा वैश्विक भरोसा, 1.38 करोड़ मरीजों का हुआ उपचार; 88 देशों के हजारों विदेशी मरीज भी शामिल उत्तराखंड में ‘शुद्धिकरण’ विवाद पर राहुल गांधी के खिलाफ FIR, जातिगत टिप्पणी के आरोप में पुलिस कार्रवाई ग्रैंड कैन्यन में अचानक आई बाढ़ ने मचाई भारी तबाही, 20 से ज्यादा लोग लापता; 62 लोगों को सुरक्षित निकाला गया ग्रेटर नोएडा में स्लीपर बस के अंदर 16 वर्षीय किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म का आरोप, ड्राइवर-कंडक्टर गिरफ्तार नेपाल फ्लैश फ्लड से पहले हिमालय में ग्लेशियर का हिस्सा खिसका? 100 किमी तक पहुंचा तबाही का बहाव Toxic Box Office Collection Day 4: यश की फिल्म ने पार किया ₹250 करोड़ का आंकड़ा, चौथे दिन कम हुई कमाई

पतंजलि के ‘वेलनेस’ पर दुनिया में बढ़ रहा वैश्विक भरोसा, 1.38 करोड़ मरीजों का हुआ उपचार; 88 देशों के हजारों विदेशी मरीज भी शामिल

 पतंजलि में उपचार कराने आने वाले सभी मरीजों का डिजिटल मेडिकल रिकॉर्ड तैयार

 5000+ डॉक्टर और 500+ वैज्ञानिकों के साथ काम कर रहा पतंजलि का विशाल नेटवर्क

पतंजलि इसी उपचार पद्धति के साथ इंटीग्रेटेड हेल्थ मॉडल की ओर बढ़ा चुका है बड़ा कदम

 स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण की सोच से साकार होगा मेडिकल टूरिज्म का ‘वैश्विक ग्लोबल हब’

हरिद्वार: पतंजलि आज उन लाखों लोगों के लिए उम्मीद का केंद्र बनकर उभरा है, जो जीवनशैली जनित रोगों से लंबे समय से जूझ रहे हैं। एजिंग, क्रॉनिक डिजीज और लाइफस्टाइल डिसऑर्डर से पीड़ित लोग पतंजलि की ओर आशा भरी निगाहों से देख रहे हैं। यही वजह है कि देश-दुनिया के 1.38 करोड़ से अधिक मरीजों ने बीते कुछ वर्षों में पतंजलि के ‘वेलनेस मॉडल’ पर अटूट भरोसा जताया है। दिलचस्प पहलू यह है कि इनमें 88 देशों के 45 हजार से अधिक विदेशी मरीजों का भी उपचार किया गया है। इन मरीजों का लगातार भारत आना आयुर्वेद की वैश्विक स्वीकार्यता का प्रमाण माना जा रहा है। इसे और धार देने के लिए पतंजलि ने ‘पतंजलि इंटीग्रेटेड हेल्थ मॉडल’ की दिशा में भी कदम बढ़ा दिए हैं।

इलेक्ट्रॉनिक मेडिकल रिकॉर्ड के मुताबिक, पतंजलि आयुर्वेदिक हॉस्पिटल, वेलनेस और चिकित्सालयों में यूरोप, मध्य-पूर्व, दक्षिण-पूर्व एशिया और अफ्रीका समेत करीब 88 देशों के 45 हजार से अधिक विदेशी मरीज उपचार के लिए आ चुके हैं। इन्हीं कुछ वजहों से देश में बीते कुछ वर्षों में 60% से अधिक आयुर्वेद वेलनेस की डिमांड बढ़ी है। विशेषज्ञ मानते हैं कि आयुर्वेदिक वेलनेस रिट्रीट की बढ़ती लोकप्रियता में पतंजलि की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

जाहिर है, देश में ‘वेलनेस टूरिज्म’ का सपना देख रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच को पंख लगाने की दिशा में पतंजलि भी बड़ा योगदान दे रहा है। ऐसे में इस बात से कतई इंकार नहीं किया जा सकता कि देश की जीडीपी में भी कहीं न कहीं पतंजलि सहायक भूमिका निभा रहा है। दुनिया के लिए भारत आयुर्वेद का केवल विकल्प नहीं, बल्कि भरोसेमंद इलाज के प्रारूप के रूप में भी उभरता जा रहा है।


इन राज्यों से पतंजलि आ रहे सबसे अधिक मरीज

वैसे तो पतंजलि में उपचार कराने के लिए देश के हर राज्य और विदेश से मरीज आते हैं। लेकिन आंकड़े बताते हैं कि उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, गुजरात, हरियाणा और महाराष्ट्र से मरीजों की संख्या दूसरे राज्यों के मुकाबले कई गुना अधिक है।


ऐसे समझें, कैसे पतंजलि हेल्थ क्रांति की ओर बढ़ रहा

  • 1.38 करोड़+ मरीजों का इलाज
  • 57% पुरुष, 43% महिलाएं
  • 46% मरीज 50 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के
  • 99.7% भारतीय, 45 हजार विदेशी मरीज
  • 88+ देशों के मरीजों का उपचार
  • 5000+ डॉक्टर, 500+ वैज्ञानिक
  • 10 लाख से अधिक योगा वॉलेंटियर
  • 1 लाख से अधिक निशुल्क योगा क्लास
  • 15,000 निशुल्क ओपीडी प्रतिदिन
  • 500 से अधिक रिसर्च पेपर

डब्ल्यूएचओ और आयुष मंत्रालय की सोच के अनुरूप पतंजलि ‘वेलनेस’

पतंजलि वेलनेस नेटवर्क के आंकड़े बताते हैं कि कुल मरीजों में लगभग 43% महिलाएं और 57% पुरुष हैं। इससे स्पष्ट है कि महिलाएं भी अब आयुर्वेद आधारित उपचार को अपना रही हैं। वरिष्ठ नागरिकों का भी बड़ा भरोसा आयुर्वेद पर जगा है। पतंजलि उन्हें सुरक्षित, संतुलित और आशाजनक स्वास्थ्य समाधान प्रदान कर रहा है।

पतंजलि वेलनेस का मॉडल विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) और आयुष मंत्रालय की उस सोच के अनुरूप है, जिसमें पारंपरिक चिकित्सा को सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज का महत्वपूर्ण हिस्सा माना गया है।

“पतंजलि का लक्ष्य केवल रोगों का उपचार नहीं, बल्कि साक्ष्य-आधारित आयुर्वेद को वैश्विक स्वास्थ्य व्यवस्था की मुख्यधारा में स्थापित करना है। डिजिटल मेडिकल रिकॉर्ड, गहन अनुसंधान और अत्याधुनिक तकनीकों के समन्वय से आयुर्वेद को वैज्ञानिक प्रमाणिकता प्रदान करने की दिशा में निरंतर कार्य हो रहा है। भारत की गौरवशाली ऋषि परंपरा और आधुनिक विज्ञान के संगम से एक ऐसा समग्र स्वास्थ्य मॉडल विकसित किया जा रहा है, जो न केवल सुलभ और किफायती है, बल्कि मानवता को दीर्घकालिक, सुरक्षित और प्राकृतिक स्वास्थ्य समाधान देने में सक्षम है। यह केवल चिकित्सा का विस्तार नहीं, बल्कि ‘विश्व कल्याण’ की भारतीय दृष्टि को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने का संकल्प है।”

 आचार्य बालकृष्ण, महामंत्री पतंजलि योगपीठ


“योग, आयुर्वेद, नेचुरोपैथी, संतुलित आहार और वैज्ञानिक उपवास आधारित जीवनशैली आज करोड़ों लोगों के लिए स्वास्थ्य और नई आशा का माध्यम बन रही है। 90 से 99 प्रतिशत रोगियों को इन प्राकृतिक पद्धतियों से लाभ और राहत मिलना इस बात का प्रमाण है कि भारत की पारंपरिक चिकित्सा पद्धति पर दुनिया का विश्वास लगातार बढ़ रहा है। हमारा संकल्प योग, आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा विज्ञान को एकीकृत कर ऐसा इंटीग्रेटेड हेल्थ सिस्टम विकसित करना है, जो केवल रोगों का उपचार ही नहीं, बल्कि संपूर्ण जीवन को स्वस्थ और संतुलित बनाए। आने वाले समय में भारत विश्व का सबसे बड़ा हेल्थ एवं वेलनेस डेस्टिनेशन और समग्र चिकित्सा का वैश्विक केंद्र बनेगा और इस दिशा में पतंजलि की भूमिका सबसे अग्रणी और प्रेरणादायी होगी। पतंजलि इस वैश्विक स्वास्थ्य क्रांति का नेतृत्व करेगा।”

योग गुरू स्वामी रामदेव

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