नई दिल्ली: Narendra Modi ने Rajya Sabha में अपने संबोधन के दौरान देशवासियों को सतर्क करते हुए कहा कि पश्चिम एशिया में जारी US-Iran war के चलते वैश्विक स्तर पर कई तरह की चुनौतियां सामने आ सकती हैं, जिनका असर भारत पर भी पड़ सकता है। उन्होंने विशेष रूप से ऊर्जा आपूर्ति और महंगाई पर संभावित दीर्घकालिक प्रभावों को लेकर चिंता जताई।
प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियां अस्थिर हैं और ऐसे समय में देश को सजग और तैयार रहना आवश्यक है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे किसी भी परिस्थिति का सामना करने के लिए मानसिक रूप से तैयार रहें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार हर मोर्चे पर सक्रिय रूप से काम कर रही है ताकि देश के हितों की रक्षा की जा सके।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यों की भूमिका पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि जैसे देश ने कोरोना महामारी के दौरान एकजुट होकर चुनौतियों का सामना किया था, वैसे ही अब भी सभी राज्यों को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि आने वाला समय कठिन हो सकता है, इसलिए केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर समन्वय बेहद जरूरी है।
प्रधानमंत्री ने खासतौर पर समाज के कमजोर वर्गों का जिक्र करते हुए कहा कि संकट के समय सबसे अधिक प्रभाव मजदूरों और गरीब तबकों पर पड़ता है। उन्होंने राज्यों से आग्रह किया कि वे प्रवासी श्रमिकों और जरूरतमंदों की सुरक्षा और सहायता सुनिश्चित करें। इसके साथ ही उन्होंने बाजार में कालाबाजारी और जमाखोरी को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की भी सलाह दी।
उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक संकटों का असर केवल आर्थिक ही नहीं, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर भी पड़ सकता है। इसलिए सभी स्तरों पर सतर्कता और तत्परता बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत है और सरकार हर संभावित स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।
प्रधानमंत्री मोदी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव लगातार बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह स्थिति लंबी चली, तो इसका असर तेल की कीमतों और सप्लाई चेन पर पड़ सकता है, जिससे आम लोगों की जेब पर भी दबाव बढ़ सकता है।
अंत में प्रधानमंत्री ने देशवासियों से संयम और सहयोग की अपील करते हुए कहा कि एकजुट होकर ही इन चुनौतियों का सामना किया जा सकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि देश की सामूहिक शक्ति और सरकार की नीतियों के बल पर भारत हर संकट से उबरने में सक्षम है।









