रियलिटी शोज़ में बढ़ती अभद्र भाषा पर सुधांशु पांडे की चिंता, बोले- समाज को गलत दिशा मिल रही है

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टीवी अभिनेता सुधांशु पांडे ने रियलिटी शो और ओटीटी प्लेटफॉर्म पर बढ़ती अभद्र भाषा और अपमानजनक व्यवहार को लेकर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि मनोरंजन के नाम पर गाली-गलौज और विवादों को बढ़ावा देना समाज, खासकर युवाओं के लिए सही उदाहरण नहीं है।

हाल ही में सोशल मीडिया पर एक लाइव बातचीत के दौरान सुधांशु पांडे ने कहा कि आजकल ऐसे वीडियो और कंटेंट तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं जिन्हें वह व्यक्तिगत रूप से असहज और समाज के लिए नुकसानदायक मानते हैं।

‘क्या हमारी सोच बदल रही है?’

सुधांशु पांडे ने कहा कि सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ऐसे कंटेंट को बड़ी संख्या में पसंद किया जा रहा है, जिसमें बहस, अपशब्द और एक-दूसरे का अपमान प्रमुख रूप से दिखाया जाता है। उनके अनुसार यह केवल नई पीढ़ी का नहीं, बल्कि पूरे समाज की बदलती सोच का संकेत हो सकता है।

उन्होंने कहा कि मनोरंजन का उद्देश्य लोगों को सकारात्मक अनुभव देना होना चाहिए, न कि नकारात्मक व्यवहार को सामान्य बनाना।

रियलिटी शो के क्लिप्स देखकर जताई नाराजगी

अभिनेता ने बताया कि वह नियमित रूप से रियलिटी शो नहीं देखते, लेकिन हाल ही में एक ओटीटी रियलिटी शो की कुछ क्लिप्स देखने के बाद उन्हें निराशा हुई। उनके मुताबिक कई प्रतिभागी केवल विवाद पैदा करने, दूसरों को नीचा दिखाने और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने के लिए चर्चा में रहते हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि आज के समय में महिलाओं और पुरुषों, दोनों द्वारा अभद्र भाषा का खुले तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसे कई लोग “कूल” मानने लगे हैं। उनके अनुसार यह सोच चिंताजनक है।

बिना नाम लिए वरिष्ठ कलाकारों पर भी किया इशारा

सुधांशु पांडे ने किसी का नाम लिए बिना कहा कि मनोरंजन जगत के कुछ वरिष्ठ और चर्चित चेहरे भी ऐसे कार्यक्रमों का हिस्सा बन रहे हैं, जहां कैमरे के सामने अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया जाता है। उनका मानना है कि सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों की जिम्मेदारी है कि वे युवाओं के सामने सकारात्मक उदाहरण पेश करें।

‘शब्दों की ताकत को समझना जरूरी’

अभिनेता ने कहा कि शब्दों का व्यक्ति और समाज पर गहरा प्रभाव पड़ता है। किसी के लिए बोले गए अच्छे शब्द प्रेरणा बन सकते हैं, जबकि नकारात्मक भाषा रिश्तों और सामाजिक माहौल को नुकसान पहुंचा सकती है।

उन्होंने लोगों से अपील की कि वे सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर जिम्मेदारी के साथ अपनी भाषा का इस्तेमाल करें।

ओटीटी और टीवी प्लेटफॉर्म से की अपील

सुधांशु पांडे ने प्रसारण करने वाले चैनलों और ओटीटी प्लेटफॉर्म से आग्रह किया कि केवल दर्शकों की संख्या बढ़ाने के लिए ऐसे कंटेंट को बढ़ावा न दिया जाए, जिसमें गाली-गलौज और अपमान को मनोरंजन के रूप में पेश किया जाता हो।

उनका कहना है कि मनोरंजन उद्योग समाज पर बड़ा प्रभाव डालता है, इसलिए कंटेंट तैयार करते समय सामाजिक जिम्मेदारी का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।

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