गुजरात में एक हाउसिंग सोसाइटी की छत पर महिला के साथ कथित दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पुलिस ने घटना के सिलसिले में सोसाइटी में सुरक्षा गार्ड के तौर पर काम करने वाले एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने वारदात से महज चार दिन पहले ही सोसाइटी में ड्यूटी शुरू की थी।
पुलिस ने आरोपी की पहचान धर्म सिंह के रूप में की है, जो उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले का रहने वाला बताया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, घटना शनिवार देर रात हुई, जब महिला सोसाइटी की इमारत की छत पर टहलने के लिए गई थी।
छत पर ले जाकर महिला पर हमला करने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, आरोपी सुरक्षा गार्ड भी महिला के पीछे छत पर पहुंच गया। आरोप है कि उसने महिला का गला दबाने की कोशिश की और उसके साथ जबरन यौन संबंध बनाए। इसके बाद आरोपी ने महिला को कथित तौर पर छत पर बंद कर दिया और वहां से फरार हो गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटना की जानकारी मिलने के बाद मामले की जांच शुरू की गई। शुरुआती जांच में सामने आया कि सोसाइटी में लगे सीसीटीवी कैमरों में आरोपी को लिफ्ट और सीढ़ियों के रास्ते छत की ओर जाते हुए देखा गया था। पुलिस ने इसी फुटेज समेत अन्य सुरागों के आधार पर आरोपी की तलाश तेज की।
मोबाइल बंद कर फरार होने की कोशिश
पुलिस के अनुसार, घटना के बाद आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अपना मोबाइल फोन बंद कर दिया था। इसके बावजूद जांच टीमों ने तकनीकी जानकारी, सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय स्तर पर मिले सुरागों के आधार पर उसकी तलाश जारी रखी।
पुलिस ने आरोपी की तलाश के लिए कई टीमें गठित की थीं। इनमें स्थानीय पुलिस, क्राइम ब्रांच और स्थानीय अपराध शाखा के अधिकारी शामिल थे। टीमों ने इलाके के विभिन्न स्थानों की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग खंगाली और संभावित ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया।
सुबह हेबतपुर इलाके से गिरफ्तारी
पुलिस के मुताबिक, लगातार चलाए गए तलाशी अभियान के बाद आरोपी को रविवार सुबह करीब 7 से 8 बजे के बीच हेबतपुर इलाके के पास से गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर रही है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि घटना के पीछे की परिस्थितियों और आरोपी की गतिविधियों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
सुरक्षा एजेंसी की जांच प्रक्रिया पर उठे सवाल
इस घटना के बाद सोसाइटी में सुरक्षा गार्ड की नियुक्ति और उसके बैकग्राउंड वेरिफिकेशन की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। पुलिस ने प्रारंभिक तौर पर संकेत दिया है कि जिस एजेंसी के माध्यम से आरोपी को सुरक्षा गार्ड की नौकरी मिली, उसकी ओर से नियुक्ति से पहले आवश्यक सत्यापन किया गया था या नहीं, इसकी भी जांच की जा सकती है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने सोसाइटी में सिर्फ चार दिन पहले काम शुरू किया था। ऐसे में सुरक्षा एजेंसी की भर्ती प्रक्रिया और कर्मचारी के दस्तावेजों के सत्यापन से जुड़े रिकॉर्ड भी जांच का हिस्सा बन सकते हैं।
पुलिस कर रही मामले की जांच
फिलहाल आरोपी पुलिस हिरासत में है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों और अन्य उपलब्ध जानकारी के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है।
अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि मामले में सामने आए आरोपों की जांच कानून के अनुसार की जा रही है। पीड़िता की पहचान गोपनीय रखी जा रही है।








