झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों और अभ्यर्थियों का आंदोलन सोमवार को 17वें दिन भी जारी है। प्रदर्शनकारी छात्र आज राजधानी रांची में झारखंड विधानसभा की ओर मार्च करेंगे। छात्रों ने भर्ती परीक्षा व्यवस्था में सुधार, कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच और अभ्यर्थियों की समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर सरकार पर दबाव बढ़ाने की रणनीति अपनाई है।
छात्रों के प्रस्तावित विधानसभा मार्च को देखते हुए रांची में प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। शहर के प्रमुख चौराहों और संवेदनशील इलाकों में बैरिकेडिंग की गई है तथा बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। विधानसभा परिसर के आसपास भी सुरक्षा बढ़ाई गई है। अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए आवश्यक इंतजाम किए गए हैं।
सुबह से जुटने लगे छात्र
विधानसभा मार्च में शामिल होने के लिए झारखंड के अलग-अलग जिलों से छात्र और सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थी रांची पहुंच रहे हैं। कई छात्र ट्रेन, बस और निजी वाहनों के जरिए राजधानी पहुंचे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना युवाओं के भविष्य के लिए बेहद जरूरी है।
छात्र नेताओं की ओर से प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण तरीके से मार्च निकालने और किसी भी तरह के विवाद या हिंसा से बचने की अपील की गई है। रिपोर्टों के अनुसार, छात्रों को पहले निर्धारित स्थान पर एकत्र होने और इसके बाद विधानसभा की ओर आगे बढ़ने की योजना है।
सरकार से बातचीत के बाद भी नहीं बनी बात
छात्रों और राज्य सरकार के बीच मांगों को लेकर बातचीत के कई दौर हो चुके हैं, लेकिन अभी तक आंदोलन खत्म करने पर सहमति नहीं बन सकी है। सरकार की ओर से कुछ मांगों पर कार्रवाई और समाधान की दिशा में कदम उठाने की बात कही गई है, जबकि प्रदर्शनकारी छात्र कुछ प्रमुख मांगों पर स्पष्ट और ठोस निर्णय चाहते हैं।
रिपोर्टों के मुताबिक, सरकार ने जेपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करने पर सहमति जताई है, लेकिन छात्रों की अन्य मांगों और जांच के मुद्दे पर बातचीत में गतिरोध बना हुआ है। इसी वजह से छात्रों ने विधानसभा मार्च का फैसला जारी रखा।
भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग
आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों का मुख्य जोर भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने पर है। छात्रों का कहना है कि सरकारी नौकरियों के लिए आयोजित परीक्षाओं में किसी भी तरह की गड़बड़ी का सीधा असर लाखों युवाओं के भविष्य पर पड़ता है।
छात्र संगठनों की मांग है कि परीक्षा प्रक्रिया में जवाबदेही तय की जाए और कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए। उनका कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर स्पष्ट निर्णय नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रखा जा सकता है।
रांची में प्रशासन अलर्ट
विधानसभा मार्च को देखते हुए रांची प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। विधानसभा के आसपास निषेधाज्ञा और सुरक्षा प्रतिबंध लागू किए गए हैं। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और आवाजाही पर भी नजर रखी जा रही है।
अब सभी की नजर आज होने वाले छात्र विधानसभा मार्च पर है। यह देखना अहम होगा कि प्रदर्शनकारी छात्रों और सरकार के बीच आगे बातचीत का कोई रास्ता निकलता है या आंदोलन आने वाले दिनों में और तेज होता है।








