अमरनाथ यात्रा पर लगा ब्रेक, खराब मौसम और कम श्रद्धालुओं की संख्या के बीच यात्रा स्थगित

जम्मू-कश्मीर में चल रही अमरनाथ यात्रा को श्रद्धालुओं की संख्या में भारी गिरावट और खराब मौसम की चेतावनी के चलते तय समय से पहले स्थगित कर दिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, इस साल अब तक 4.7 लाख से अधिक श्रद्धालु पवित्र गुफा के दर्शन कर चुके हैं। हालांकि, पिछले कुछ दिनों से यात्रियों की संख्या में लगातार कमी दर्ज की जा रही थी।

कश्मीर के मंडलायुक्त अंशुल गर्ग ने बताया कि शनिवार को जम्मू से श्रद्धालुओं का कोई नया जत्था रवाना नहीं हुआ। यात्रियों की संख्या बेहद कम होने के साथ मौसम संबंधी एडवाइजरी भी जारी है। इसके अलावा यात्रा मार्ग पर कुछ मरम्मत कार्य किए जाने की आवश्यकता है। इन परिस्थितियों को देखते हुए यात्रा को फिलहाल रोकने का फैसला लिया गया है।

23 जुलाई से एक मार्ग पर बंद थी यात्रा

अधिकारियों के अनुसार, 23 जुलाई से अनंतनाग-पहलगाम मार्ग से अमरनाथ यात्रा को बंद रखा गया था। इसके बाद श्रद्धालुओं को मुख्य रूप से बालटाल मार्ग से यात्रा करने की अनुमति थी।

पारंपरिक पहलगाम मार्ग को बंद करने के पीछे ट्रैक पर मरम्मत कार्य को प्रमुख कारण बताया गया था। हालांकि, इस दौरान क्षेत्र में हुई सुरक्षा संबंधी घटनाओं के कारण भी यात्रा की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती गई।

इस साल 4.7 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

अमरनाथ यात्रा के इस साल के आंकड़ों के अनुसार, अब तक 4.7 लाख से अधिक श्रद्धालु पवित्र गुफा पहुंच चुके हैं। अधिकारियों के मुताबिक, यात्रा के शुरुआती करीब तीन सप्ताह में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे, लेकिन 23 जुलाई के बाद यात्रियों की संख्या में काफी गिरावट आई।

अमरनाथ यात्रा पहले करीब दो महीने तक चलने वाली थी, लेकिन कम फुटफॉल और मौसम की स्थिति को देखते हुए इसे निर्धारित कार्यक्रम से पहले ही रोक दिया गया है।

28 अगस्त को होगी औपचारिक समाप्ति

हालांकि नियमित श्रद्धालु यात्रा को स्थगित कर दिया गया है, लेकिन अधिकारियों के अनुसार छड़ी मुबारक को 28 अगस्त को पवित्र गुफा तक ले जाया जाएगा। इसी धार्मिक परंपरा के साथ अमरनाथ यात्रा के इस वर्ष के आयोजन का औपचारिक समापन माना जाएगा।

सुरक्षा के लिए बड़ी संख्या में जवान तैनात

अमरनाथ यात्रा देश की सबसे अधिक सुरक्षा वाली धार्मिक यात्राओं में शामिल है। यात्रा मार्ग और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए इस साल अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी।

जम्मू से पहलगाम और बालटाल के आधार शिविरों तक करीब 350 से 400 किलोमीटर लंबे मार्ग पर सेना, BSF, CRPF, ITBP, SSB और जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवान तैनात रहे। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुरक्षित रखने के लिए कई स्थानों पर सुरक्षा काफिले की व्यवस्था भी की गई।

पिछले वर्षों में यात्रा का आंकड़ा

अमरनाथ यात्रा में पिछले कुछ वर्षों के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। वर्ष 2012 में छह लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने गुफा के दर्शन किए थे। इसके बाद 2022 में यह संख्या तीन लाख से कुछ अधिक रही। वर्ष 2023 में करीब 4.4 लाख और इस साल अब तक 4.7 लाख से अधिक श्रद्धालु यात्रा कर चुके हैं।

अधिकारियों का कहना है कि इस साल यात्रा को तय अवधि से पहले रोकने का फैसला कम श्रद्धालुओं की संख्या, मौसम संबंधी चेतावनी और यात्रा मार्ग पर आवश्यक मरम्मत कार्य को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

Leave a Comment

और पढ़ें

🔮 आज का राशिफल