दिल्ली बिल्डिंग हादसा: किराये की कमाई के लालच में बढ़ाए गए थे अतिरिक्त फ्लोर? FIR में मालिकों पर गंभीर आरोप

Screenshot 2026 09 08 133118

दिल्ली के सत्य निकेतन में पीजी हॉस्टल की इमारत गिरने की घटना ने निर्माण सुरक्षा और लापरवाही को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले में दर्ज एफआईआर के मुताबिक, करीब 50 साल पुरानी इमारत के मालिकों पर आरोप है कि उन्होंने कमजोर नींव के बावजूद उस पर अतिरिक्त मंजिलों का निर्माण कराया। आरोप है कि इसका मकसद किराये से ज्यादा कमाई करना था।

पुलिस की एफआईआर में हरिराम बंसल उर्फ गुप्ता और उनके भाई का नाम सामने आया है। आरोप है कि पुरानी इमारत के ऊपर चार अतिरिक्त फ्लोर बनाए गए। इसके बाद इमारत को ‘HostelDaze’ PG के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था।

कमजोर नींव के बावजूद बढ़ाया गया निर्माण

बताया गया है कि यह इमारत करीब पांच दशक पुरानी थी। गुप्ता परिवार ने हाल में इसकी मरम्मत कर इसे पेइंग गेस्ट सुविधा में बदल दिया था। दिल्ली विश्वविद्यालय के आसपास होने के कारण यहां छात्रों के रहने की मांग को देखते हुए इसे किराये की आय के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था।

एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि मालिकों को इमारत की पुरानी नींव की क्षमता के बारे में जानकारी थी। इसके बावजूद अतिरिक्त मंजिलों का निर्माण कराया गया। पुलिस के अनुसार, अतिरिक्त निर्माण से इमारत पर भार काफी बढ़ गया और उसकी संरचनात्मक मजबूती प्रभावित हुई।

रविवार को अचानक इमारत भरभराकर गिर गई और कई लोग मलबे के नीचे दब गए। हादसे के वक्त बेसमेंट में निर्माण कार्य भी चल रहा था। इसी दौरान बारिश का पानी बेसमेंट में भरने की बात भी सामने आई है।

हादसे में 7 लोगों की मौत

रविवार से सोमवार शाम तक बचाव अभियान के दौरान कम से कम 12 लोगों को मलबे से बाहर निकाला गया। इनमें से सात लोगों की मौत हो गई।

मृतकों में पांच छात्र बताए गए हैं:

  • अभिषेक – 20 वर्ष
  • युवराज सोनी – 20 वर्ष
  • पवन – 17 वर्ष
  • अर्पित जाजज – 19 वर्ष
  • अक्षत सिंह यादव – 18 वर्ष

इसके अलावा 75 वर्षीय मजदूर सुरिंदर सिंह की भी मौत हुई है। सातवें मृतक की पहचान अभी नहीं हो सकी है।

पांच घायल अस्पताल में भर्ती

हादसे में घायल पांच लोगों का इलाज एम्स ट्रॉमा सेंटर और सफदरजंग अस्पताल में चल रहा है। इनमें असगर अली (30), नीरज बावन (19), आदित्य कुमार (19), नितिश चिब (19) और मोहम्मद अयान (18) शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, घायलों में तीन की हालत गंभीर बनी हुई है।

पुलिस ने दर्ज की FIR, मालिक समेत तीन गिरफ्तार

दक्षिण कैंपस पुलिस थाने में रविवार रात FIR नंबर 153/2026 दर्ज की गई। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105, 290 और 125(a) के तहत मामला दर्ज किया है। ये धाराएं गैर-इरादतन हत्या, भवन के निर्माण या मरम्मत में लापरवाही तथा लोगों की जान या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने से संबंधित हैं।

दिल्ली पुलिस ने 81 वर्षीय हरिराम गुप्ता, उनकी पत्नी और बेटे को मामले में गिरफ्तार किया है। गुप्ता के बारे में बताया गया है कि वह भारतीय वायुसेना के सेवानिवृत्त सार्जेंट हैं।

अब सबसे बड़ा सवाल

एफआईआर में लगाए गए आरोपों ने इस हादसे को लेकर एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है—अगर इमारत की नींव अतिरिक्त भार उठाने के लिए सक्षम नहीं थी, तो उसके ऊपर अतिरिक्त मंजिलों का निर्माण कैसे हुआ?

अब जांच एजेंसियों के सामने यह पता लगाने की चुनौती है कि निर्माण के दौरान किन नियमों का पालन किया गया और क्या इमारत की संरचनात्मक सुरक्षा की जांच कराई गई थी। हादसे में हुई मौतों के बाद निर्माण सुरक्षा और किराये की कमाई के लिए पुराने भवनों में किए जाने वाले बदलावों पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें

🔮 आज का राशिफल