भूपेंद्र चौहान, हरिद्वार।
हरिद्वार की फास्ट ट्रैक विशेष कोर्ट ने 15 वर्षीय दिव्यांग बच्चे के साथ दुष्कर्म के प्रयास और आपत्तिजनक तरीके से संपर्क करने के मामले में आरोपी युवक को दोषी करार दिया है। विशेष न्यायाधीश/एडीजे चंद्रमणि राय की अदालत ने दोषी को पांच वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
शासकीय अधिवक्ता भूपेंद्र चौहान के अनुसार, घटना 13 अक्टूबर 2023 की शाम करीब साढ़े चार बजे लक्सर क्षेत्र के एक गांव में हुई थी। आरोप था कि आरोपी युवक दिव्यांग बच्चे को बहाने से खेत की ओर ले गया था। वहां वह बच्चे के साथ गलत काम करने का प्रयास कर रहा था। इसी दौरान बच्चे का चाचा मौके पर पहुंच गया, जिसके बाद आरोपी वहां से फरार हो गया।
बताया गया कि घटना से पहले शिकायतकर्ता की पत्नी ने आरोपी को बच्चे को अपने साथ खेत की ओर ले जाते हुए देखा था। संदेह होने पर शिकायतकर्ता और अन्य लोग मौके पर पहुंचे, जहां आरोपी को देखकर उसने वहां से भागने की कोशिश की। इसके बाद बच्चे के चाचा ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था।
मामले की जांच के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। सुनवाई के दौरान सरकारी पक्ष की ओर से 12 गवाह पेश किए गए, जबकि बचाव पक्ष ने एक गवाह अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया।
जुर्माना नहीं देने पर एक माह की अतिरिक्त सजा
अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी को दोषी करार देते हुए पांच वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। अदालत ने यह भी आदेश दिया कि यदि आरोपी जुर्माने की राशि जमा नहीं करता है तो उसे एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।








