सऊदी अरब ने दावा किया है कि मंगलवार शाम इस्लाम के पवित्र शहर मक्का के दक्षिणी इलाके में एक हूती ड्रोन को इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया गया। यह जानकारी यमन में सक्रिय सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मलिकी की ओर से दी गई।
अल-मलिकी ने मक्का की दिशा में ड्रोन भेजे जाने को बेहद गंभीर घटना बताते हुए इसकी निंदा की। मक्का में इस्लाम का सबसे पवित्र धार्मिक स्थल स्थित है और हर साल दुनिया भर से लाखों मुस्लिम यहां हज के लिए पहुंचते हैं।
OIC ने भी जताई चिंता
57 देशों के संगठन ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन (OIC) ने भी घटना पर प्रतिक्रिया दी। संगठन ने मक्का और मदीना प्रांत की ओर किसी भी तरह के हमले को अस्वीकार्य बताया। मदीना में इस्लाम का दूसरा सबसे पवित्र धार्मिक स्थल स्थित है।
हूती संगठन ने सऊदी दावे को बताया गलत
दूसरी ओर, यमन के बड़े हिस्से पर नियंत्रण रखने वाले हूती संगठन ने मक्का को निशाना बनाने के आरोप से इनकार किया है। संगठन के सैन्य प्रवक्ता याह्या सरीया ने सऊदी अरब पर गलत दावे करने का आरोप लगाया।
सरीया के मुताबिक, यमन की ओर से पवित्र स्थलों के लिए कोई खतरा नहीं है। उन्होंने कहा कि हूती समूह की सैन्य कार्रवाइयों का उद्देश्य सऊदी अरब के तेल प्रतिष्ठान और सैन्य ठिकाने हैं, जो धार्मिक स्थलों से दूर स्थित हैं।
पिछले सप्ताह के हवाई हमलों का भी किया जिक्र
हूती प्रवक्ता ने दावा किया कि पिछले एक सप्ताह के दौरान यमन में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन की ओर से 450 से अधिक हवाई हमले किए गए। उन्होंने कहा कि इन्हीं हमलों के जवाब में हूती समूह ने सऊदी अरब की ओर ड्रोन और मिसाइलें लॉन्च कीं।
सरीया ने यह भी दावा किया कि हूती लड़ाकों ने मारिब प्रांत के ऊपर एक सऊदी लड़ाकू विमान को मार गिराया है। हालांकि, इस दावे की तत्काल स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई।
सऊदी गठबंधन ने दी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी
सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन की ओर से हूती प्रवक्ता के लड़ाकू विमान संबंधी दावे पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। हालांकि, गठबंधन के प्रवक्ता अल-मलिकी ने कहा कि उनकी सेनाएं हूती संगठन की गतिविधियों के खिलाफ आवश्यक और प्रभावी कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगी।
यमन संघर्ष के बीच सऊदी अरब और हूती संगठन के बीच ड्रोन तथा मिसाइल हमलों को लेकर लंबे समय से तनाव बना हुआ है। मक्का और मदीना जैसे धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़ी किसी भी सुरक्षा घटना को इस कारण विशेष संवेदनशील माना जाता है।








