इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी-हैदराबाद (IIIT-H) में उमर खालिद पर बनी डॉक्यूमेंट्री की प्रस्तावित स्क्रीनिंग को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) ने बिना प्रमाणन वाली फिल्म के सार्वजनिक प्रदर्शन को लेकर आपत्ति जताई, जिसके बाद प्रस्तावित स्क्रीनिंग रद्द कर दी गई। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, संस्थान ने KRB ऑडिटोरियम की बुकिंग भी रद्द कर दी है।
फिल्म ‘Prisoner No. 626710 is Present’ का प्रदर्शन शुक्रवार शाम 8 बजे किया जाना प्रस्तावित था। इसे फिल्ममेकर ललित वचानी ने निर्देशित किया है और यह उमर खालिद के जेल में रहने की स्थिति पर केंद्रित है।
CBFC ने सिनेमैटोग्राफ एक्ट का दिया हवाला
CBFC ने गुरुवार को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए प्रस्तावित स्क्रीनिंग पर आपत्ति दर्ज की। बोर्ड ने कहा कि जिस डॉक्यूमेंट्री को प्रमाणपत्र नहीं मिला है, उसका सार्वजनिक प्रदर्शन सिनेमैटोग्राफ एक्ट के तहत उल्लंघन माना जाएगा, जब तक कि कानून के तहत इसके लिए विशेष छूट हासिल न की गई हो। बोर्ड ने IIIT-H के अधिकारियों को मामले पर आवश्यक कार्रवाई के लिए ध्यान देने को भी कहा।
CBFC केंद्र सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अधीन काम करता है।
IIIT-H ने खुद को आयोजन से अलग बताया
मामले में IIIT-H ने स्पष्ट किया कि संस्थान या उसके मान्यता प्राप्त छात्र क्लबों, सेल अथवा संगठनों ने इस फिल्म की स्क्रीनिंग आयोजित या होस्ट नहीं की थी।
संस्थान के मुताबिक, कैंपस में आधिकारिक कार्यक्रमों और गतिविधियों के लिए निर्धारित प्रक्रियाएं हैं। इसलिए किसी अनधिकृत या असंबंधित गतिविधि को संस्थान या उसके मान्यता प्राप्त छात्र संगठनों से जोड़ना तथ्यात्मक रूप से सही नहीं होगा।
IIIT-H ने यह भी कहा कि उसके कैंपस में बड़ी और विविध छात्र एवं फैकल्टी कम्युनिटी है। छात्र या शिक्षक व्यक्तिगत क्षमता में किसी व्यक्ति से मिल सकते हैं, लेकिन ऐसी व्यक्तिगत मुलाकातों या यात्राओं को संस्थान की ओर से आयोजित कार्यक्रम नहीं माना जाना चाहिए।
हालिया रिपोर्टों के अनुसार, CBFC की आपत्ति के बाद संस्थान ने स्क्रीनिंग और ऑडिटोरियम की बुकिंग रद्द कर दी। संस्थान के निदेशक ने छात्रों को यह भी बताया कि कैंपस के किसी भी स्थान, जिसमें क्लासरूम, लैब और कार्यालय शामिल हैं, वहां इस फिल्म की सार्वजनिक या निजी स्क्रीनिंग की अनुमति नहीं होगी।
डॉक्यूमेंट्री के लिए छात्रों ने तय किया था कार्यक्रम
जानकारी के अनुसार, छात्रों के एक समूह ने KRB ऑडिटोरियम में फिल्म दिखाने की योजना बनाई थी। कार्यक्रम का आयोजन ‘Political Prisoners’ Day’ के अवसर पर प्रस्तावित था।
कार्यक्रम के निमंत्रण में क्रांतिकारी जतिंद्र नाथ दास की पुण्यतिथि का भी उल्लेख किया गया था। जतिंद्र नाथ दास भगत सिंह के सहयोगी थे और 1929 में लाहौर जेल में लंबे समय तक भूख हड़ताल के बाद उनकी मृत्यु हुई थी।
बेंगलुरु में भी टल चुकी है इसी फिल्म की स्क्रीनिंग
इसी डॉक्यूमेंट्री को लेकर कुछ दिन पहले बेंगलुरु स्थित National Law School of India University (NLSIU) में भी कार्यक्रम स्थगित किया गया था।
वहां छात्र संचालित Law and Society Committee ने 14 सितंबर को फिल्म की स्क्रीनिंग की योजना बनाई थी। कार्यक्रम को Political Prisoners’ Day और उमर खालिद की गिरफ्तारी के छह वर्ष पूरे होने के संदर्भ में आयोजित किया जाना था।
NLSIU में इस कार्यक्रम का Akhil Bharatiya Vidyarthi Parishad (ABVP) ने विरोध किया था। संगठन ने आरोप लगाया था कि कैंपस में इस तरह की स्क्रीनिंग राजनीतिक प्रचार के लिए संस्थान के इस्तेमाल के समान होगी।
इसके बाद छात्र समिति ने कार्यक्रम को ‘logistical and security considerations’ का हवाला देते हुए स्थगित कर दिया। समिति ने कहा था कि वह कार्यक्रम को दबाव के कारण रद्द नहीं कर रही है और इसे बाद में आयोजित किया जाएगा।
क्या है ‘Prisoner No. 626710 is Present’?
ललित वचानी द्वारा निर्देशित यह डॉक्यूमेंट्री उमर खालिद पर केंद्रित है। खालिद जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के पूर्व शोधार्थी रहे हैं।
उन्हें सितंबर 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के पीछे कथित बड़ी साजिश से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में उन पर Unlawful Activities (Prevention) Act (UAPA) सहित अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत आरोप लगाए गए हैं और वह गिरफ्तारी के बाद से हिरासत में हैं।
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि ये आरोप न्यायिक प्रक्रिया का विषय हैं और आरोप अपने आप में दोषसिद्धि नहीं होते।
कैंपस में फिल्म स्क्रीनिंग को लेकर फिर बहस
IIIT-H का मामला ऐसे समय सामने आया है जब देश के विश्वविद्यालय परिसरों में फिल्मों, छात्र गतिविधियों और राजनीतिक-सामाजिक विषयों पर कार्यक्रमों को लेकर अलग-अलग मत सामने आ रहे हैं।
इस मामले में एक ओर CBFC ने बिना प्रमाणन वाली फिल्म के सार्वजनिक प्रदर्शन से जुड़े कानूनी प्रावधानों का हवाला दिया है, वहीं IIIT-H ने प्रस्तावित कार्यक्रम को अपने आधिकारिक आयोजन से अलग बताया है। फिलहाल इस स्क्रीनिंग को रद्द कर दिया गया है और आगे फिल्म को लेकर कोई नया कार्यक्रम कब या कहां होगा, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है।








