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IIT Bombay में 7 महीने में 3 छात्रों की मौत, 400 से ज्यादा छात्रों का प्रदर्शन; मांगी जवाबदेही और पारदर्शिता

देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों में शामिल IIT Bombay में एक छात्र की मौत के बाद परिसर में छात्रों का विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। दूसरे वर्ष के छात्र साहिल वाकड़े की मौत के बाद बड़ी संख्या में छात्र प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करने पहुंचे। छात्रों ने पूरे मामले में पारदर्शिता, जवाबदेही और परिसर में छात्रों की मानसिक एवं अकादमिक परिस्थितियों को लेकर ठोस कदम उठाने की मांग की है।

साहिल की मौत ऐसे समय हुई है जब IIT Bombay में पिछले करीब सात महीनों में छात्र आत्महत्या के तीन मामले सामने आ चुके हैं। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने संस्थान के छात्रों के बीच चिंता बढ़ा दी है।

परीक्षा में AI टूल के इस्तेमाल के बाद सामने आया मामला

जानकारी के मुताबिक, साहिल वाकड़े को परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन पर AI प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया था। बताया गया कि उसने परीक्षा में पूछे गए सवालों के जवाब हासिल करने के लिए प्रश्नपत्र को ChatGPT पर अपलोड किया था।

घटना के बाद छात्रों के एक समूह ने दावा किया कि साहिल को संस्थान की ओर से एक साल के निलंबन की चेतावनी दी गई थी। छात्रों का कहना था कि यदि ऐसी कार्रवाई होती तो उसे हॉस्टल छोड़कर परिसर के बाहर रहना पड़ सकता था। इससे उसकी पढ़ाई की अवधि भी प्रभावित होने की आशंका थी।

हालांकि, IIT Bombay ने अपने आधिकारिक बयान में कहा है कि साहिल के खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू नहीं की गई थी।

IIT Bombay ने क्या कहा?

संस्थान के अनुसार, परीक्षा से जुड़े मामले पर संबंधित शिक्षक और विभागाध्यक्ष ने साहिल से बातचीत की थी। IIT Bombay का कहना है कि छात्र को काउंसलिंग दी गई और उसे यह भरोसा दिलाया गया था कि इस घटना का उसके अकादमिक करियर पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।

संस्थान के बयान के मुताबिक, बातचीत के बाद साहिल अपने हॉस्टल के कमरे में वापस चला गया। बाद में शाम को उसे उसके कमरे में मृत पाया गया।

IIT Bombay ने कहा कि छात्र की मौत से संस्थान बेहद दुखी है और घटना से प्रभावित उसके दोस्तों, सहपाठियों, शिक्षकों तथा अन्य लोगों को आवश्यक सहयोग दिया जा रहा है। संस्थान ने यह भी कहा कि मौत से जुड़े परिस्थितियों की जांच संबंधित अधिकारियों द्वारा की जा रही है।

400 से ज्यादा छात्रों ने किया प्रदर्शन

साहिल की मौत की खबर के बाद IIT Bombay परिसर में 400 से अधिक छात्रों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी छात्रों ने प्रशासन से घटना से जुड़े तथ्यों को स्पष्ट करने और छात्रों की सुरक्षा एवं कल्याण को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग की।

प्रदर्शन में शामिल छात्रों का कहना था कि यह संस्थान में इस साल सामने आई पहली ऐसी घटना नहीं है। छात्रों ने प्रशासन से यह स्पष्ट करने की मांग की कि लगातार हो रही ऐसी घटनाओं के कारणों को समझने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।

एक प्रदर्शनकारी छात्र ने कहा कि वे प्रशासन से जवाबदेही और पारदर्शिता चाहते हैं। छात्र के मुताबिक, उन्हें यह जानने की जरूरत है कि परिसर में ऐसी घटनाएं क्यों हो रही हैं और इनके पीछे मौजूद परिस्थितियों को समझने के लिए संस्थान क्या कर रहा है।

सात महीने में तीन घटनाओं से बढ़ी चिंता

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस साल फरवरी में IIT Bombay के एक दूसरे वर्ष के छात्र की हॉस्टल के कमरे में मौत हुई थी। इसके बाद जुलाई में एक 20 वर्षीय छात्र की मौत का मामला सामने आया था। अब साहिल वाकड़े की मौत ने परिसर में छात्रों की चिंताओं को और बढ़ा दिया है।

छात्रों का कहना है कि केवल किसी एक घटना पर प्रतिक्रिया देने के बजाय संस्थान को छात्रों पर पड़ने वाले अकादमिक और अन्य दबावों को समझने तथा ऐसी घटनाओं की परिस्थितियों की व्यापक समीक्षा करने की जरूरत है।

फिलहाल साहिल की मौत से जुड़े पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। IIT Bombay ने कहा है कि घटना से प्रभावित छात्रों और अन्य सदस्यों को संस्थान की ओर से सहायता दी जा रही है।

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