पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को कोयला ब्लॉक आवंटन मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि डॉ. मनमोहन सिंह की ईमानदारी और सार्वजनिक जीवन में जवाबदेही का रिकॉर्ड ऐसा है, जिसे इतिहास सम्मान के साथ याद करेगा।
सोनिया गांधी ने एक लेख में कहा कि सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के साथ डॉ. मनमोहन सिंह के खिलाफ लंबे समय तक चले एक विवादास्पद अध्याय का अंत हो गया है। उनके मुताबिक, पूर्व प्रधानमंत्री के खिलाफ लगाए गए आरोपों और राजनीतिक हमलों ने सार्वजनिक जीवन में एक गंभीर बहस को जन्म दिया था।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले से खत्म हुआ मामला
29 जुलाई 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने कोयला ब्लॉक आवंटन मामले में डॉ. मनमोहन सिंह के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही को समाप्त कर दिया। अदालत ने उनके खिलाफ जारी समन आदेश को रद्द करते हुए इस मामले में उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई का रास्ता बंद कर दिया।
मनमोहन सिंह का निधन 27 दिसंबर 2024 को हुआ था। प्रधानमंत्री पद पर रहते हुए कोयला ब्लॉक आवंटन से जुड़े मामलों को लेकर उनकी सरकार को विपक्ष की ओर से लगातार आलोचना का सामना करना पड़ा था।
2014 में कही थी ‘इतिहास’ वाली बात
सोनिया गांधी ने अपने लेख में मनमोहन सिंह के जनवरी 2014 में दिए गए उस चर्चित बयान का भी उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्हें पूरा विश्वास है कि इतिहास उनके साथ उस समय के मीडिया या संसद में विपक्षी दलों की तुलना में अधिक न्याय करेगा।
उस समय मनमोहन सिंह की सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर विपक्ष और मीडिया के एक हिस्से की ओर से लगातार सवाल उठाए जा रहे थे। प्रधानमंत्री पद छोड़ने से पहले कही गई उनकी यह बात बाद में उनके राजनीतिक जीवन से जुड़ा चर्चित बयान बन गई।
सोनिया गांधी ने ‘विच हंट’ बताया
सोनिया गांधी ने अपने लेख में डॉ. मनमोहन सिंह के खिलाफ चली राजनीतिक मुहिम को ‘विच हंट’ यानी कथित तौर पर निशाना बनाए जाने की प्रक्रिया बताया। उन्होंने कहा कि मनमोहन सिंह सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी और नैतिकता के लिए जाने जाते थे।
उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ अभियान में राजनीति से लेकर मीडिया और अन्य संस्थाओं से जुड़े कई लोग शामिल थे। सोनिया गांधी ने दावा किया कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद इस पूरे मामले में मनमोहन सिंह की स्थिति स्पष्ट हो गई है।
हालांकि, इन राजनीतिक आरोपों को कांग्रेस नेता का पक्ष माना जाना चाहिए। केंद्र सरकार या बीजेपी की ओर से इस बयान पर प्रतिक्रिया इस खबर में शामिल नहीं है।
‘शांत और प्रभावशाली प्रधानमंत्री’ थे मनमोहन सिंह
सोनिया गांधी ने डॉ. मनमोहन सिंह को एक शांत, विनम्र और बेहद प्रभावशाली प्रधानमंत्री बताया। उन्होंने कहा कि देश के आर्थिक और सार्वजनिक जीवन में मनमोहन सिंह के योगदान को लंबे समय तक याद किया जाएगा।
मनमोहन सिंह 2004 से 2014 तक लगातार दो कार्यकाल के लिए भारत के प्रधानमंत्री रहे। इससे पहले वह वित्त मंत्री, रिजर्व बैंक के गवर्नर और योजना आयोग के उपाध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी काम कर चुके थे।
कोयला आवंटन मामला क्यों रहा चर्चा में?
कोयला ब्लॉक आवंटन से जुड़े मामलों ने यूपीए सरकार के दूसरे कार्यकाल के दौरान राष्ट्रीय राजनीति में बड़ा विवाद पैदा किया था। विपक्ष ने आवंटन प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर तत्कालीन सरकार पर गंभीर सवाल उठाए थे।
बाद में जांच एजेंसियों और अदालतों में इससे जुड़े कई मामले चले। डॉ. मनमोहन सिंह का नाम भी एक मामले में सामने आया था। अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद उनके खिलाफ संबंधित आपराधिक कार्यवाही समाप्त हो गई है।
मनमोहन सिंह की राजनीतिक विरासत पर फिर बहस
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद डॉ. मनमोहन सिंह की राजनीतिक विरासत एक बार फिर चर्चा में आ गई है। कांग्रेस इस फैसले को उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों पर महत्वपूर्ण न्यायिक राहत के तौर पर देख रही है, जबकि उनके प्रधानमंत्री कार्यकाल की नीतियों और फैसलों को लेकर राजनीतिक बहस आगे भी जारी रहने की संभावना है।
सोनिया गांधी का ताजा बयान इसी राजनीतिक बहस को नया आयाम देता है। उन्होंने विश्वास जताया कि समय बीतने के साथ डॉ. मनमोहन सिंह के योगदान और उनकी व्यक्तिगत ईमानदारी का मूल्यांकन अधिक सकारात्मक नजरिए से किया जाएगा।








